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नीट री-एग्जाम पर अभेद्य सुरक्षा कवच: एनटीए ने बदली व्यवस्था, चप्पे-चप्पे पर रहेगी लाइव नजर

ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 01:37 pm
नीट री-एग्जाम पर अभेद्य सुरक्षा कवच: एनटीए ने बदली व्यवस्था, चप्पे-चप्पे पर रहेगी लाइव नजर

नीट-यूजी पुनर्परीक्षा की शुचिता सुनिश्चित करने के लिए एनटीए ने अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए हैं, जिसमें लाइव सीसीटीवी निगरानी और सख्त प्रोटोकॉल शामिल हैं।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने नीट-यूजी 2024 की पुनर्परीक्षा के लिए सुरक्षा के ऐसे कड़े इंतजाम किए हैं, जिन्हें 'अभेद्य सुरक्षा कवच' कहा जा रहा है। ग्रेस मार्क्स विवाद के बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार आयोजित की जा रही इस परीक्षा में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बहाल करना एनटीए के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। अधिकारियों के अनुसार, इस बार पूरी परीक्षा प्रक्रिया के दौरान हर गतिविधि पर मुख्यालय से सीधी नजर रखी जाएगी। परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए प्रश्नपत्रों के परिवहन से लेकर उनके वितरण तक की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल निगरानी के दायरे में लाया गया है। सूत्रों के मुताबिक, प्रश्नपत्रों को ले जाने वाले वाहनों में जीपीएस ट्रैकर लगाए गए हैं और उन्हें विशेष सुरक्षा बॉक्स में रखा गया है। केंद्रों पर पहुंचने के बाद, प्रश्नपत्रों को खोलने की प्रक्रिया की वीडियोग्राफी अनिवार्य कर दी गई है। यह कदम हाल के विवादों के बाद छात्र समुदाय के बीच खोए हुए भरोसे को वापस पाने की एक बड़ी कोशिश है। तकनीकी स्तर पर भी इस बार व्यापक बदलाव किए गए हैं। प्रत्येक परीक्षा केंद्र को लाइव सीसीटीवी फीड के जरिए एनटीए के दिल्ली स्थित कमांड सेंटर से जोड़ा गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित उपकरणों का उपयोग संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने के लिए किया जा रहा है। परीक्षा कक्षों के भीतर और बाहर जैमर लगाए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का उपयोग न किया जा सके। इसके अलावा, उम्मीदवारों की बायोमेट्रिक पहचान और कड़ी तलाशी के लिए अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की गई है। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए भी यह खबर काफी महत्व रखती है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे हजारों एनआरआई और ओसीआई परिवार अपने बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए अक्सर भारत के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों की ओर देखते हैं। नीट परीक्षा की निष्पक्षता में किसी भी प्रकार की कमी सीधे तौर पर उन छात्रों के भविष्य को प्रभावित करती है जो भारत लौटकर चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में बसे भारतीय परिवारों ने हालिया विवादों पर चिंता जताई थी, ऐसे में कड़े सुरक्षा उपायों की यह खबर एक राहत के रूप में देखी जा रही है। एनटीए ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी पाए जाने पर केंद्र प्रभारियों और पर्यवेक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह पुनर्परीक्षा उन 1,563 उम्मीदवारों के लिए आयोजित की गई है जिन्हें पहले ग्रेस मार्क्स दिए गए थे। हालांकि यह संख्या कुल उम्मीदवारों की तुलना में कम है, लेकिन इस प्रक्रिया के जरिए सरकार और एनटीए पूरे देश को यह संदेश देना चाहते हैं कि भविष्य में होने वाली सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता ही सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
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