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मुंबई मानसून और सेहत: पकौड़ों के ये 5 स्वस्थ विकल्प जो आप घर पर आसानी से बना सकते हैं

ICN24 Newsroom 3 जुल॰ 2026, 02:31 am
मुंबई मानसून और सेहत: पकौड़ों के ये 5 स्वस्थ विकल्प जो आप घर पर आसानी से बना सकते हैं

मानसून की बारिश और गरमा-गरम पकौड़ों का गहरा नाता है, लेकिन सेहत को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञों ने डीप-फ्राइड स्नैक्स के पांच बेहतरीन और स्वस्थ विकल्प सुझाए हैं।

भारत में मानसून का आगमन होते ही, खासकर मुंबई जैसे शहरों में, चाय और गरमा-गरम पकौड़ों की तलब बढ़ जाती है। बारिश की बूंदों के बीच तले हुए स्नैक्स का आनंद लेना एक पुरानी परंपरा रही है। हालांकि, स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते जोखिम के कारण, अब लोग पारंपरिक 'डीप-फ्राइड' पकौड़ों के स्वस्थ विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय के लिए भी यह मौसम पुरानी यादें ताजा कर देता है। भले ही वहां का मौसम अलग हो, लेकिन मानसून की वह 'नॉस्टेल्जिया' खान-पान के जरिए जीवित रहती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अधिक तेल में तले हुए खाद्य पदार्थ न केवल कैलोरी बढ़ाते हैं, बल्कि हृदय स्वास्थ्य और पाचन पर भी बुरा असर डालते हैं। ऐसे में आईसीएम24 (ICN24) आपके लिए लाया है पकौड़ों के पांच ऐसे विकल्प, जो स्वाद में लाजवाब हैं और सेहत के लिए फायदेमंद भी। पहला बेहतरीन विकल्प है 'एयर-फ्राइड या बेक्ड सब्जियां'। पारंपरिक पकौड़ों को कढ़ाई में तलने के बजाय, आप बेसन में लिपटी सब्जियों को एयर फ्रायर में पका सकते हैं। इसमें तेल की खपत 80 प्रतिशत तक कम हो जाती है, जबकि कुरकुरापन बरकरार रहता है। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरा विकल्प 'मूंग दाल का चीला' है। मूंग दाल प्रोटीन से भरपूर होती है और इसे बहुत कम तेल में तवे पर बनाया जा सकता है। इसमें बारीक कटी सब्जियां और पनीर भरकर इसे और भी पौष्टिक बनाया जा सकता है। यह न केवल पेट भरने वाला है, बल्कि मानसून की शाम के लिए एक आदर्श नाश्ता है। तीसरा विकल्प 'रोस्टेड मखाना' (Fox Nuts) है। मखाना कैलोरी में बहुत कम और फाइबर में उच्च होता है। इसे हल्का सा घी या जैतून के तेल में भूनकर और ऊपर से सेंधा नमक व काली मिर्च डालकर तैयार किया जा सकता है। यह चिप्स या तले हुए स्नैक्स का एक बहुत ही हल्का और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प है। चौथे विकल्प के रूप में 'स्टीम्ड मुठिया या मोमोज' को अपनाया जा सकता है। गुजरात का पारंपरिक 'मुठिया', जो लौकी और बेसन से बनता है, भाप में पकाया जाता है और इसमें तेल का उपयोग न के बराबर होता है। इसी तरह, सब्जियों से भरे स्टीम्ड मोमोज भी एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं, बशर्ते उनका आवरण पतला हो और उनमें मैदे की जगह गेहूं के आटे का प्रयोग किया जाए। पांचवां और अंतिम विकल्प है 'भुने हुए चने'। चने फाइबर और आयरन का एक बड़ा स्रोत हैं। इन्हें घर पर ही मसालों के साथ भूनकर एक कुरकुरा और संतोषजनक स्नैक तैयार किया जा सकता है। मानसून का आनंद लेते हुए ये विकल्प आपकी सेहत को नुकसान नहीं पहुँचाएंगे और आपको पारंपरिक स्वाद का अनुभव भी देंगे।
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