राजनीति
झारखंड में छात्र आंदोलन पर आधी रात को गरमाई राजनीति: भाजपा का पुलिस पर दमनकारी कार्रवाई का आरोप
ICN24 Newsroom 12 अग॰ 2026, 09:37 am

झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों के धरने को लेकर राजनीति तेज हो गई है। भाजपा नेताओं ने आधी रात को धरनास्थल पहुंचकर पुलिस पर छात्रों को डराने-धमकाने का आरोप लगाया।
झारखंड की राजधानी रांची में पिछले कई दिनों से चल रहा छात्र आंदोलन अब एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। राज्य सरकार द्वारा आंदोलनकारी छात्रों को धरनास्थल से हटाने की कथित तैयारियों के बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं ने आधी रात को धरनास्थल पहुंचकर स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया है कि हेमंत सोरेन सरकार पुलिस बल का दुरुपयोग कर छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।
यह पूरा विवाद झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों से जुड़ा है। राज्य के हजारों छात्र लंबे समय से परीक्षाओं में पारदर्शिता और लंबित नियुक्तियों को पूरा करने की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। मंगलवार की आधी रात को जब शहर में भारी पुलिस बल की तैनाती की खबरें आईं, तो भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ नेता छात्रों के समर्थन में मौके पर पहुंच गए।
भाजपा नेताओं का दावा है कि प्रशासन ने अंधेरे का फायदा उठाकर छात्रों को वहां से खदेड़ने की योजना बनाई थी। मीडिया से बात करते हुए विपक्षी नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे युवाओं पर पुलिसिया कार्रवाई निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए लाठी-डंडे के जोर पर छात्रों को डरा रही है। घटनास्थल पर मौजूद छात्रों ने भी पुलिस पर अभद्र व्यवहार और जबरन टेंट हटाने का प्रयास करने के आरोप लगाए हैं।
दूसरी ओर, जिला प्रशासन और पुलिस सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा कारणों और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ एहतियाती कदम उठाए गए थे। प्रशासन का तर्क है कि धरनास्थल पर बढ़ती भीड़ और यातायात में हो रही बाधा को देखते हुए छात्रों से सहयोग की अपील की गई थी। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इस विशेष 'मिडनाइट एक्शन' पर कोई आधिकारिक विस्तृत बयान नहीं आया है।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे प्रवासी भारतीय समुदाय, विशेषकर झारखंड और बिहार मूल के लोगों के लिए यह खबर चिंता का विषय है। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में रहने वाले कई पेशेवर और छात्र अपने गृह राज्य की शिक्षा व्यवस्था और रोजगार के अवसरों पर करीब से नजर रखते हैं। झारखंड में बार-बार परीक्षाओं का रद्द होना और नियुक्तियों में देरी न केवल वहां के युवाओं के भविष्य को प्रभावित करती है, बल्कि प्रवासी समुदायों के बीच भी चिंता पैदा करती है जो अपने पीछे छूटे परिवार और भाई-बहनों के बेहतर भविष्य की कामना करते हैं।
फिलहाल, रांची के धरनास्थल पर स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बनी हुई है। भाजपा ने चेतावनी दी है कि अगर छात्रों के साथ कोई भी ज्यादती हुई, तो वे राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे। यह घटनाक्रम आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि छात्र और युवा मतदाता राज्य की राजनीति में एक बड़ी ताकत हैं।
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