लाइव
राजनीति
राजनीति

CJP के ‘संसद चलो’ मार्च से पहले जंतर-मंतर पर भारी भीड़, छावनी में तब्दील हुई दिल्ली

ICN24 Newsroom 20 जुल॰ 2026, 10:35 am
CJP के ‘संसद चलो’ मार्च से पहले जंतर-मंतर पर भारी भीड़, छावनी में तब्दील हुई दिल्ली

सिटिजन फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के 'संसद चलो' मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं और प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।

देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर विरोध प्रदर्शनों और भारी सुरक्षा घेरे के केंद्र में है। सिटिजन फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) द्वारा आयोजित ‘संसद चलो’ मार्च के मद्देनजर जंतर-मंतर पर हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्र हुए हैं। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने मध्य दिल्ली और संसद भवन की ओर जाने वाले तमाम रास्तों को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया है। पुलिस प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि इस मार्च के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई है और न ही इसकी मंजूरी दी जाएगी। प्रदर्शनकारियों की भीड़ सुबह से ही जंतर-मंतर पर जुटने लगी थी, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए सामाजिक कार्यकर्ता, छात्र और नागरिक समाज के प्रतिनिधि शामिल हैं। CJP का यह मार्च मानवाधिकारों, संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और विभिन्न सामाजिक मुद्दों को लेकर बुलाया गया है। हालांकि, पुलिस ने सुरक्षा का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को संसद की ओर बढ़ने से रोकने के लिए कई स्तरों की बैरिकेडिंग की है। अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियों को भी तैनात किया गया है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यदि प्रदर्शनकारी जबरन संसद की ओर बढ़ने का प्रयास करते हैं, तो उन्हें रास्ते में ही रोक दिया जाएगा और हिरासत में लिया जा सकता है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ड्रोन कैमरों के जरिए भीड़ की निगरानी की जा रही है और जंतर-मंतर के आसपास के मेट्रो स्टेशनों पर भी अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब भारत में नागरिक अधिकारों और शांतिपूर्ण प्रदर्शन की स्वतंत्रता पर व्यापक बहस चल रही है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए भी यह खबर महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रवासी भारतीय अक्सर अपने देश में होने वाले राजनीतिक और सामाजिक बदलावों को बारीकी से देखते हैं। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में सक्रिय भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समूह अक्सर भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और मानवाधिकारों की स्थिति पर चर्चा करते रहते हैं। भारत में इस तरह के बड़े प्रदर्शनों का असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि और प्रवासी भारतीयों के बीच होने वाली विमर्श की दिशा तय करता है। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि शांतिपूर्ण मार्च निकालना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है, जबकि प्रशासन का कहना है कि राजधानी की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। फिलहाल जंतर-मंतर पर तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और भारी पुलिस बल की मौजूदगी ने पूरे इलाके को छावनी में बदल दिया है। आने वाले घंटों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या प्रदर्शनकारी और प्रशासन के बीच कोई सहमति बन पाती है या फिर टकराव की स्थिति पैदा होती है।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

‘यहां काम के घंटे तय नहीं’, महिमा मकवाना ने अभिनय जगत की चुनौतियों और मानसिक स्वास्थ्य पर की खुलकर बात
राजनीति

‘यहां काम के घंटे तय नहीं’, महिमा मकवाना ने अभिनय जगत की चुनौतियों और मानसिक स्वास्थ्य पर की खुलकर बात

अभिनेत्री महिमा मकवाना ने अभिनय की दुनिया के ग्लैमर के पीछे छिपे कड़े संघर्ष और अनिश्चित कार्य घंटों पर अपनी राय साझा की है। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य के लिए रूटीन के महत्व पर जोर दिया।

21 जुल॰ 2026, 01:35 am
राम मंदिर दान चोरी मामला: सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख, नई SIT जांच के आदेश; CJI बोले- 'इसे राजनीतिक रंग न दें'
राजनीति

राम मंदिर दान चोरी मामला: सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख, नई SIT जांच के आदेश; CJI बोले- 'इसे राजनीतिक रंग न दें'

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले में यूपी सरकार को वरिष्ठ IPS अधिकारी के नेतृत्व में नई SIT बनाने का निर्देश दिया है।

21 जुल॰ 2026, 12:35 am
सरकार और कॉजपा के बीच बातचीत की सुगबुगाहट: जेपी नड्डा से मिलेंगे पार्टी प्रतिनिधि
राजनीति

सरकार और कॉजपा के बीच बातचीत की सुगबुगाहट: जेपी नड्डा से मिलेंगे पार्टी प्रतिनिधि

कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने दावा किया है कि सरकार ने उनसे संपर्क किया है। पार्टी के प्रवक्ता अपनी मांगों को लेकर केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा से मुलाकात करेंगे।

20 जुल॰ 2026, 11:35 pm