ब्रेकिंग न्यूज़ब्रेकिंग
जम्मू-कश्मीर के पुंछ में कुदरत का कहर: भूस्खलन में एक ही परिवार के 7 सदस्यों की मौत, अमरनाथ यात्रा स्थगित
ICN24 Newsroom 21 जुल॰ 2026, 12:35 am

जम्मू-कश्मीर के पुंछ में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन में 17 लोगों की जान चली गई है, जिसमें एक ही परिवार के 7 लोग शामिल हैं। खराब मौसम के कारण प्रमुख तीर्थ यात्राएं रोक दी गई हैं।
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले से एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां भारी बारिश के बाद हुए भीषण भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, पुंछ में अलग-अलग स्थानों पर हुए भूस्खलन के कारण अब तक 17 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। इस त्रासदी का सबसे दुखद पहलू एक ही परिवार के सात सदस्यों की मौत है, जिनका मकान मलबे की चपेट में आने से पूरी तरह जमींदोज हो गया।
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों (SDRF) ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया, लेकिन लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी इलाकों में गिरते मलबे के कारण राहत कार्यों में भारी बाधा उत्पन्न हो रही है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मलबे के नीचे अभी भी छह अन्य लोगों के दबे होने की आशंका है, जिनकी तलाश के लिए खोजी कुत्तों और आधुनिक उपकरणों की मदद ली जा रही है। इलाके में बिजली और संचार व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे बचाव कार्यों की गति धीमी पड़ गई है।
इस प्राकृतिक आपदा का असर केंद्र शासित प्रदेश की प्रमुख तीर्थ यात्राओं पर भी पड़ा है। मौसम विभाग की चेतावनी और रास्तों में बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन ने पवित्र अमरनाथ यात्रा और माता वैष्णो देवी यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। हजारों की संख्या में श्रद्धालु अलग-अलग बेस कैंपों पर फंसे हुए हैं। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए निर्धारित स्थानों पर ही रुकें और मौसम साफ होने का इंतजार करें। राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी कई जगहों पर चट्टानें गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित है।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए भी यह खबर चिंताजनक है, क्योंकि वर्तमान में स्कूल की छुट्टियों और छुट्टियों के मौसम के दौरान कई प्रवासी परिवार उत्तर भारत और कश्मीर की यात्रा पर हैं। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में बसे जम्मू-कश्मीर मूल के लोगों ने अपने परिजनों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। आईसीएन24 (ICN24) उन सभी यात्रियों को सलाह देता है जो इस समय क्षेत्र में मौजूद हैं या वहां जाने की योजना बना रहे हैं, कि वे स्थानीय पुलिस और मौसम विभाग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
उपराज्यपाल प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की है और घायल लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। सेना और स्थानीय पुलिस की टीमें भी प्रभावित गांवों में भोजन और दवाइयां पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि हिमालयी क्षेत्रों में अनियंत्रित निर्माण और जलवायु परिवर्तन के कारण इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं। फिलहाल, पूरा ध्यान लापता लोगों को खोजने और फंसे हुए तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने पर केंद्रित है।
संबंधित ख़बरें

ब्रेकिंगब्रेकिंग
कानपुर: खालसा गर्ल्स कॉलेज के प्रबंधक को इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कानपुर के प्रसिद्ध खालसा गर्ल्स कॉलेज के प्रबंधक को कानूनी राहत देते हुए उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है।
21 जुल॰ 2026, 08:35 am

ब्रेकिंगब्रेकिंग
श्रावस्ती: रिहायशी इलाके के तालाब में घुसा विशालकाय मगरमच्छ, वन विभाग ने रेस्क्यू कर नदी में छोड़ा
उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में एक गांव के तालाब में मगरमच्छ मिलने से हड़कंप मच गया। वन विभाग की टीम ने कडी मशक्कत के बाद इसे सुरक्षित रेस्क्यू किया।
21 जुल॰ 2026, 07:35 am

ब्रेकिंगब्रेकिंग
फुटबॉल दिग्गज केविन कीगन का 75 वर्ष की आयु में निधन, खेल जगत में शोक की लहर
इंग्लैंड के महान फुटबॉलर और दो बार के बैलोन डी'ओर विजेता केविन कीगन का 75 वर्ष की आयु में कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद निधन हो गया है।
21 जुल॰ 2026, 06:35 am

