राजनीति
ज़ोहरान ममदानी पर 'सांस्कृतिक मिटाव' का आरोप: न्यूयॉर्क के नक्शे से 'लिटिल इटली' गायब होने पर विवाद
ICN24 Newsroom 9 जुल॰ 2026, 08:31 pm

न्यूयॉर्क मेयर पद के उम्मीदवार ज़ोहरान ममदानी द्वारा जारी 'प्रवासी एन्क्लेव' नक्शे में ऐतिहासिक 'लिटिल इटली' को शामिल न करने पर इतालवी-अमेरिकी समुदाय ने कड़ा विरोध जताया है।
न्यूयॉर्क शहर की राजनीति में उस समय नया विवाद खड़ा हो गया जब मेयर पद के उम्मीदवार और स्टेट असेंबली सदस्य ज़ोहरान ममदानी के अभियान द्वारा जारी एक नक्शे में शहर के सबसे ऐतिहासिक प्रवासी समुदायों में से एक, 'लिटिल इटली' को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया। ममदानी के प्रशासन द्वारा प्रस्तावित 'इमिग्रेंट एन्क्लेव' (प्रवासी एन्क्लेव) नक्शे का उद्देश्य शहर के विभिन्न जातीय पड़ोसों को उजागर करना था, लेकिन इसमें न्यूयॉर्क की पहचान बन चुके लिटिल इटली को जगह नहीं दी गई।
इतालवी-अमेरिकी सिविल राइट्स लीग (IACRL) ने इस चूक की कड़ी निंदा करते हुए इसे 'सांस्कृतिक मिटाव' (Cultural Erasure) करार दिया है। संगठन का कहना है कि यह केवल एक प्रशासनिक गलती नहीं है, बल्कि जानबूझकर एक ऐतिहासिक समुदाय की पहचान को कमतर आंकने की कोशिश है। लिटिल इटली न केवल न्यूयॉर्क का एक पर्यटन स्थल है, बल्कि यह दशकों से इतालवी प्रवासियों के संघर्ष और उनकी विरासत का प्रतीक रहा है।
यह मुद्दा भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए भी अत्यंत प्रासंगिक है। जिस प्रकार ऑस्ट्रेलिया में सिडनी का 'हैरिस पार्क' (जिसे 'लिटिल इंडिया' के रूप में पहचान मिली है) या मेलबर्न के 'डैन्डिनॉन्ग' जैसे इलाके भारतीय प्रवासियों की सांस्कृतिक जड़ों को दर्शाते हैं, वैसे ही लिटिल इटली अमेरिका में इतालवी प्रवासियों का गढ़ रहा है। किसी भी आधिकारिक नक्शे या सरकारी दस्तावेज़ से ऐसे ऐतिहासिक स्थानों को हटाना उस समुदाय के योगदान को नकारने जैसा महसूस होता है। प्रवासी समुदायों के लिए भौगोलिक पहचान उनके आत्म-सम्मान और विरासत से जुड़ी होती है।
ममदानी, जो स्वयं दक्षिण एशियाई मूल के हैं और प्रगतिशील राजनीति का प्रतिनिधित्व करते हैं, इस समय आलोचनाओं के घेरे में हैं। आलोचकों का तर्क है कि समावेशिता के नाम पर बनाए गए नक्शे में एक स्थापित समुदाय को बाहर रखना विरोधाभासी है। इतालवी-अमेरिकी समुदाय के नेताओं ने मांग की है कि इस नक्शे को तुरंत सुधारा जाए और ऐतिहासिक वास्तविकताओं का सम्मान किया जाए।
इस विवाद ने यह बहस भी छेड़ दी है कि आधुनिक राजनीति में 'प्रवासी' की परिभाषा क्या है। क्या केवल नए आने वाले समुदायों को ही 'प्रवासी' माना जाना चाहिए, या उन समुदायों को भी जिन्होंने सदियों पहले आकर शहर की बुनियाद रखी थी? ऑस्ट्रेलिया जैसे बहुसांस्कृतिक समाज में भी इस तरह के सवाल अक्सर उठते रहते हैं, जहाँ पुराने यूरोपीय प्रवासियों और नए एशियाई-प्रशांत प्रवासियों के बीच सांस्कृतिक समन्वय एक महत्वपूर्ण सामाजिक विषय है।
फिलहाल, ज़ोहरान ममदानी के अभियान दल ने इस पर आधिकारिक सफाई नहीं दी है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे उनकी चुनावी संभावनाओं के लिए एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है। न्यूयॉर्क जैसे विविधतापूर्ण शहर में किसी भी बड़े जातीय समूह की नाराजगी मोल लेना किसी भी राजनेता के लिए महंगा साबित हो सकता है।
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