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महाराष्ट्र के परभणी में बड़ा हादसा: निर्माणाधीन मंदिर की छत गिरने से 5 की मौत, 30 घायल
ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 01:52 pm
महाराष्ट्र के परभणी जिले में एक निर्माणाधीन हनुमान मंदिर की छत गिरने से 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और 30 अन्य घायल हो गए।
महाराष्ट्र के परभणी जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक निर्माणाधीन मंदिर की छत गिरने से पांच लोगों की मौत हो गई और कम से कम 30 अन्य घायल हो गए। यह दुखद हादसा शनिवार दोपहर मानवत तालुका के यशवाड़ी गांव में हुआ। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जिस समय यह दुर्घटना हुई, उस समय मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब प्रसिद्ध हनुमान मंदिर के निर्माण का काम चल रहा था। बताया जा रहा है कि मंदिर के निर्माण में भारी राजस्थानी गुलाबी पत्थरों का उपयोग किया जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि छत का ढांचा अचानक ढह गया, जिससे नीचे खड़े लोग मलबे में दब गए। स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन पत्थरों का वजन अधिक होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मृतकों में अधिकांश स्थानीय ग्रामीण और श्रद्धालु शामिल हैं। प्रशासन ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि मंदिर का निर्माण कार्य जारी होने के बावजूद, स्थानीय लोगों के आग्रह पर दर्शन के लिए इसे खुला रखा गया था। सुरक्षा मानकों की अनदेखी इस बड़े हादसे का एक मुख्य कारण मानी जा रही है।
महाराष्ट्र सरकार ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और प्रभावित परिवारों के लिए वित्तीय सहायता की घोषणा की है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्थानीय अधिकारियों को घायलों के सर्वोत्तम इलाज के निर्देश दिए हैं। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए भी यह खबर चिंताजनक है, क्योंकि परभणी और मराठवाड़ा क्षेत्र के कई लोग सिडनी, मेलबर्न और पर्थ जैसे शहरों में बसे हुए हैं। प्रवासी भारतीय अक्सर अपने पैतृक गांवों में मंदिरों और सामुदायिक केंद्रों के निर्माण के लिए उदारतापूर्वक दान देते हैं। इस तरह की घटनाएं निर्माण सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ प्रबंधन के प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
वर्तमान में, एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीमें मलबे को हटाने और यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि कोई और व्यक्ति नीचे न दबा हो। यशवाड़ी गांव में इस समय मातम का माहौल है और स्थानीय निवासी सुरक्षा चूक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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