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महाकाल भस्म आरती: सावन के रविवार को उज्जैन में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, बाबा महाकाल का भव्य श्रृंगार
ICN24 Newsroom 16 अग॰ 2026, 02:37 pm

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में 16 अगस्त 2026 को सावन के पावन रविवार पर भव्य भस्म आरती संपन्न हुई। श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल से सुख-समृद्धि की कामना की।
मध्य प्रदेश की धार्मिक राजधानी उज्जैन में आज आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। सावन मास के पवित्र रविवार, 16 अगस्त 2026 को विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर के दरबार में अलौकिक भस्म आरती संपन्न हुई। ब्रह्म मुहूर्त में आयोजित इस विशेष आरती में शामिल होने के लिए देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे थे। मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' और 'जय श्री महाकाल' के उद्घोष से गुंजायमान रहा।
भस्म आरती की प्रक्रिया परंपरा के अनुसार भोर में शुरू हुई। सबसे पहले भगवान महाकाल का जलाभिषेक और पंचामृत अभिषेक किया गया, जिसमें दूध, दही, घी, शहद और शक्कर का उपयोग हुआ। इसके पश्चात, बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार किया गया, जिसमें उन्हें भांग, चंदन और सूखे मेवों से सजाया गया। आरती का मुख्य आकर्षण 'भस्म अर्पण' रहा, जिसे महानिर्वाणी अखाड़े के साधुओं द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न किया गया। ताजी भस्म से बाबा का अभिषेक होते ही पूरा गर्भगृह अलौकिक आभा से भर उठा।
सावन का महीना भगवान शिव की उपासना के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन के रविवार को भस्म आरती का दर्शन अत्यंत फलदायी माना गया है। आज की आरती में न केवल स्थानीय निवासी, बल्कि ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों से आए प्रवासी भारतीय भी डिजिटल माध्यमों और भौतिक उपस्थिति के जरिए जुड़े। सिडनी और मेलबर्न में बसे भारतीय समुदाय के बीच भी इस आरती का सीधा प्रसारण देखने का विशेष उत्साह रहता है, जहां समय के अंतर के बावजूद श्रद्धालु सुबह जल्दी उठकर ऑनलाइन दर्शन का लाभ लेते हैं।
पुजारियों ने बताया कि सावन मास में बाबा महाकाल की सेवा का विशेष विधान है। इस दौरान भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और सुगम दर्शन के कड़े इंतजाम किए थे। आरती के समापन पर पुजारियों ने विश्व शांति, जनकल्याण और समृद्धि की प्रार्थना की। श्रद्धालुओं का मानना है कि भस्म आरती के दर्शन मात्र से जीवन के समस्त पापों का नाश होता है और अकाल मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है।
उज्जैन नगर निगम और मंदिर प्रबंध समिति ने इस बार श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाओं का विस्तार किया है। सावन के इस विशेष अवसर पर मंदिर को फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है, जो रात के समय भव्य दृश्य प्रस्तुत करता है। आगामी सोमवार को बाबा महाकाल की शाही सवारी भी निकलने वाली है, जिसे लेकर भक्तों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
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