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मध्य प्रदेश: मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समन्वय समिति का गठन, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की निगरानी होगी सख्त
ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 05:52 am
मध्य प्रदेश सरकार ने केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय और विकास कार्यों की निगरानी के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति बनाई है।
मध्य प्रदेश शासन ने राज्य की सांख्यिकीय गतिविधियों में सुधार और केंद्रीय क्षेत्रीय बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रभावी निगरानी के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाया है। राज्य सरकार ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक 'राज्य स्तरीय समन्वय समिति' (SLCC) का गठन किया है। यह समिति भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (MoSPI) और राज्य प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु के रूप में कार्य करेगी।
इस समिति के गठन का मुख्य उद्देश्य राज्य में चल रही विकास परियोजनाओं की गति को तेज करना और डेटा संग्रहण की प्रक्रिया को अधिक सटीक बनाना है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस समिति में अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी तथा वित्त विभागों के सचिवों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। यह उच्च स्तरीय प्रतिनिधित्व यह सुनिश्चित करेगा कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली किसी भी विभागीय बाधा को तुरंत दूर किया जा सके।
समिति की भूमिका केवल प्रशासनिक समन्वय तक सीमित नहीं होगी। यह केंद्रीय क्षेत्र की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (Central Sector Infrastructure Projects) की नियमित समीक्षा करेगी, जिससे समय और बजट की अधिकता (cost and time overruns) को रोका जा सके। सांख्यिकीय गतिविधियों के प्रभावी समन्वय से राज्य सरकार को भविष्य की नीतियों के निर्धारण में अधिक सटीक डेटा उपलब्ध होगा, जो अंततः आम नागरिकों के लिए बेहतर जनकल्याणकारी योजनाओं के निर्माण में सहायक होगा।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे प्रवासी भारतीय समुदाय (विशेषकर मध्य प्रदेश मूल के लोगों) के लिए यह समाचार विशेष महत्व रखता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रशासनिक सुधारों से राज्य में निवेश का माहौल बेहतर होता है। जब बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की निगरानी सीधे मुख्य सचिव स्तर पर होती है, तो इससे पारदर्शिता बढ़ती है और विदेशी निवेश (FDI) के लिए एक अनुकूल वातावरण तैयार होता है। ऑस्ट्रेलिया के व्यापारिक समुदाय, जो भारत के विकास में रुचि रखते हैं, के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है कि मध्य प्रदेश शासन शासन और क्रियान्वयन के मामले में अधिक पेशेवर रुख अपना रहा है।
आगामी महीनों में यह समिति विभिन्न केंद्रीय परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट तैयार करेगी और केंद्र सरकार को फीडबैक प्रदान करेगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि केंद्र से मिलने वाली निधि का सही और समय पर उपयोग हो। मध्य प्रदेश के इस कदम को गवर्नेंस में सुधार की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है, जो राज्य के आर्थिक परिदृश्य को बदलने की क्षमता रखती है।
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