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मुख्यमंत्री डॉ. यादव का निर्देश: पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों को ऋण और सब्सिडी दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाए विभाग
ICN24 Newsroom 9 जून 2026, 09:00 am

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं को स्वरोजगार के लिए बैंक ऋण और सब्सिडी दिलाने में सक्रिय सहयोग करें।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित न रहें, बल्कि लाभार्थियों को बैंकों से सब्सिडी और ऋण दिलाने में भी सक्रिय सहयोग करें। भोपाल में आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की स्वरोजगार योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी संभव है जब पात्र हितग्राहियों को वित्तीय संस्थानों से समय पर सहायता प्राप्त हो।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों में उद्यमिता की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि अक्सर जानकारी के अभाव या जटिल बैंकिंग प्रक्रियाओं के कारण पात्र युवा पीछे रह जाते हैं। ऐसे में विभाग की जिम्मेदारी है कि वे एक सेतु के रूप में कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि बैंक द्वारा ऋण वितरण में अनावश्यक विलंब न हो। डॉ. यादव ने अधिकारियों से कहा कि वे जिलों में बैंकों के साथ समन्वय स्थापित करें और लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण कराएं।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने 'मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना' और अन्य स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को आधुनिक बाजार की जरूरतों के अनुरूप बनाया जाए ताकि स्वरोजगार शुरू करने वाले युवा प्रतिस्पर्धी बन सकें। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सब्सिडी का पैसा सीधे हितग्राहियों के खातों में पारदर्शिता के साथ पहुंचे।
प्रवासी भारतीय समुदाय के संदर्भ में, यह कदम भारत में निवेश और स्थानीय व्यापारिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय मूल के लोग अक्सर अपने पैतृक क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक विकास की दिशा में निवेश करने या अपने परिजनों को व्यापार शुरू करने में मदद करने के इच्छुक होते हैं। राज्य सरकार की ऐसी पहलें न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देती हैं, बल्कि प्रवासी भारतीयों के लिए भी अपने गृह राज्य में विश्वास का वातावरण तैयार करती हैं।
अंत में, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली अपनाने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का ध्येय केवल कागजी आंकड़े जुटाना नहीं, बल्कि जमीन पर रोजगार के अवसर पैदा करना है। विभाग को अब नियमित रूप से उन हितग्राहियों का फीडबैक लेना होगा जिन्हें ऋण प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है, ताकि उनकी समस्याओं को शीर्ष स्तर पर सुलझाया जा सके।
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