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फ्रॉस्ट ट्रस्ट इकोसिस्टम रडार में डिजीसर्ट को मिली शीर्ष रैंकिंग, डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में बढ़ा दबदबा
ICN24 Newsroom 11 अग॰ 2026, 10:37 am

डिजीसर्ट को फ्रॉस्ट एंड सुलिवन द्वारा डिजिटल ट्रस्ट के क्षेत्र में वैश्विक लीडर चुना गया है, जो एआई के दौर में पहचान सत्यापन की बढ़ती जरूरत को दर्शाता है।
डिजिटल सुरक्षा और ऑनलाइन पहचान सत्यापन की दिशा में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत, डिजीसर्ट (DigiCert) को फ्रॉस्ट एंड सुलिवन (Frost & Sullivan) के हालिया 'ट्रस्ट इकोसिस्टम रडार' में एक प्रमुख लीडर के रूप में मान्यता दी गई है। यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक तकनीक ने इंटरनेट पर विश्वास और सुरक्षा के लिए नई चुनौतियां पेश की हैं।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और स्थानीय व्यवसायों के लिए यह खबर विशेष महत्व रखती है। जैसे-जैसे डिजिटल लेनदेन और रिमोट वर्क का चलन बढ़ रहा है, वैसे-वैसे धोखाधड़ी के मामलों में भी वृद्धि हुई है। ऑस्ट्रेलियाई प्रतिस्पर्धा और उपभोक्ता आयोग (ACCC) के अनुसार, ऑनलाइन पहचान की चोरी और दस्तावेज़ों के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं बढ़ी हैं। डिजीसर्ट की यह रैंकिंग दर्शाती है कि कंपनी ने पहचान सत्यापन और दस्तावेज़ों की अखंडता को बनाए रखने के लिए जो उपाय किए हैं, वे आज के चुनौतीपूर्ण समय में सबसे अधिक प्रभावी हैं।
फ्रॉस्ट एंड सुलिवन की रिपोर्ट के अनुसार, आज के दौर में केवल बुनियादी एन्क्रिप्शन पर्याप्त नहीं है। वर्तमान में 'ऑडिटेबल आइडेंटिटी' (जांच योग्य पहचान) की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसका मतलब है कि किसी भी डिजिटल दस्तावेज़ या संचार के पीछे के व्यक्ति या संस्था की पहचान को कानूनी और तकनीकी रूप से प्रमाणित किया जा सके। एआई-जनित कंटेंट के माध्यम से बढ़ती भ्रामक जानकारियों के बीच, डिजीसर्ट का समाधान व्यापारिक घरानों को यह सुनिश्चित करने में मदद करता है कि वे असली ग्राहकों और असली आंकड़ों के साथ काम कर रहे हैं।
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय, जो आईटी, स्वास्थ्य सेवा और वित्त जैसे क्षेत्रों में अपनी मजबूत उपस्थिति रखता है, डिजिटल सुरक्षा के प्रति काफी जागरूक है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ते द्विपक्षीय व्यापार और माइग्रेशन के कारण, सुरक्षित दस्तावेज़ीकरण की भूमिका और भी बढ़ जाती है। डिजीसर्ट के 'ट्रस्ट लाइफसाइकल मैनेजर' जैसे प्लेटफॉर्म न केवल सार्वजनिक और निजी पहचान को प्रबंधित करते हैं, बल्कि वे कंपनियों को यह विश्वास दिलाते हैं कि उनका डेटा सुरक्षित हाथों में है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया की नई साइबर सुरक्षा रणनीति 2023-2030 के तहत, आने वाले वर्षों में पहचान सत्यापन के नियम और कड़े होने वाले हैं। ऐसे में डिजीसर्ट जैसे लीडर की उपस्थिति उद्योग के लिए एक मानक तय करती है। अंततः, यह न केवल एक तकनीकी उपलब्धि है, बल्कि यह ऑनलाइन दुनिया में मानवीय भरोसे को फिर से स्थापित करने की एक कोशिश है, जहां 'कौन क्या है' यह जानना अब पहले से कहीं अधिक कठिन हो गया है।
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