टेक्नोलॉजी
जेम्स वेब टेलीस्कोप ने देखा ब्रह्मांड का 'हॉट पॉट': HD 80606 b ग्रह पर कुछ ही घंटों में बढ़ा 1,100 डिग्री तापमान
ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 03:27 pm

नासा के जेम्स वेब टेलीस्कोप ने पृथ्वी से 190 प्रकाश वर्ष दूर एक गैस जाइंट ग्रह पर तापमान में भारी बदलाव दर्ज किया है, जो खगोल विज्ञान में एक नई उपलब्धि है।
ब्रह्मांड के रहस्यों को सुलझाने में जुटे नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) ने एक और अभूतपूर्व खोज की है। खगोलविदों ने देखा है कि पृथ्वी से लगभग 190 प्रकाश वर्ष दूर स्थित एक विशाल गैस जाइंट ग्रह, जिसे 'HD 80606 b' के नाम से जाना जाता है, के तापमान में मात्र कुछ ही घंटों के भीतर 1,100 डिग्री सेल्सियस (लगभग 2,000 डिग्री फ़ारेनहाइट) की भारी वृद्धि हुई है। यह घटना वैज्ञानिकों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है, क्योंकि यह ग्रह के वायुमंडल और उसकी कक्षा की विशिष्ट प्रकृति को उजागर करती है।
HD 80606 b कोई साधारण ग्रह नहीं है। हालांकि इसका द्रव्यमान हमारे सौर मंडल के बृहस्पति (Jupiter) के समान है, लेकिन इसकी कक्षा (orbit) इसे विशेष बनाती है। यह ग्रह अपने मेजबान तारे के चारों ओर एक अत्यंत अंडाकार या 'एलिप्टिकल' पथ पर घूमता है, जो किसी धूमकेतु (Comet) की कक्षा जैसा दिखता है। यह अपनी अधिकांश यात्रा अपने तारे से काफी दूर बिताता है, लेकिन फिर अचानक एक स्लिंगशॉट की तरह तारे के बेहद करीब से गुजरता है। इसी 'पेरीअस्ट्रोन' (तारे के सबसे नजदीकी बिंदु) के दौरान ग्रह पर भयंकर गर्मी पड़ती है।
जेम्स वेब टेलीस्कोप के मिड-इन्फ्रारेड इंस्ट्रूमेंट (MIRI) का उपयोग करते हुए, शोधकर्ताओं ने इस 'फ्लैश हीटिंग' प्रक्रिया का बारीकी से अवलोकन किया। वैज्ञानिकों के अनुसार, जैसे-जैसे यह ग्रह अपने तारे के करीब आता है, यह भारी मात्रा में ऊर्जा सोखता है। यह प्रक्रिया इतनी तीव्र होती है कि ग्रह का वातावरण कुछ ही समय में उबलने लगता है। इसके बाद, जब ग्रह तारे से दूर जाने लगता है, तो यह उतनी ही तेजी से ठंडा भी हो जाता है। यह अध्ययन 'नेचर' पत्रिका में प्रकाशित हुआ है और यह हमें सौर मंडल के बाहर के ग्रहों के मौसम और वायुमंडलीय गतिशीलता को समझने में मदद करता है।
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए, जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी (STEM) के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है, यह खोज विशेष महत्व रखती है। ऑस्ट्रेलिया में स्थित डीप स्पेस नेटवर्क और कई खगोलविदों का योगदान वैश्विक अंतरिक्ष अनुसंधान में निरंतर बना रहता है। इस तरह की खोजें न केवल ब्रह्मांड की हमारी समझ को बढ़ाती हैं, बल्कि अगली पीढ़ी के इंजीनियरों और वैज्ञानिकों को प्रेरित भी करती हैं।
इस अध्ययन के प्रमुख लेखकों ने बताया कि HD 80606 b पर होने वाला यह तापमान परिवर्तन इतना चरम है कि यह ग्रह के बादलों के निर्माण और वायुमंडलीय संरचना को पूरी तरह से बदल देता है। यह शोध यह भी संकेत देता है कि ब्रह्मांड में कई ऐसे ग्रह हो सकते हैं जहाँ 'अतिवादी' (extreme) मौसम की स्थिति सामान्य हो सकती है। जेम्स वेब टेलीस्कोप की संवेदनशीलता के बिना, इतने कम समय में होने वाले इन सूक्ष्म लेकिन शक्तिशाली परिवर्तनों को मापना असंभव होता। यह खोज अंतरिक्ष विज्ञान के एक नए युग की शुरुआत है जहाँ हम दूरस्थ दुनिया के 'दैनिक मौसम' की भी गणना कर सकते हैं।
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