लाइव
राजनीति
राजनीति

झारखंड विधानसभा घेराव: छात्रों की शांति बनाए रखने की अपील, सरकारी नियुक्तियों को लेकर बढ़ा आक्रोश

ICN24 Newsroom 10 अग॰ 2026, 02:39 pm
झारखंड विधानसभा घेराव: छात्रों की शांति बनाए रखने की अपील, सरकारी नियुक्तियों को लेकर बढ़ा आक्रोश

झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 17वें दिन भी जारी रहा। विधानसभा घेराव से पहले छात्र नेताओं ने शांति की अपील की है।

रांची, झारखंड: झारखंड में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में कथित धांधली और अनियमितताओं को लेकर युवाओं का आक्रोश चरम पर है। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में गड़बड़ी के विरोध में पिछले 17 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों ने अब विधानसभा के घेराव का ऐलान किया है। इस महत्वपूर्ण प्रदर्शन से ठीक पहले छात्र संगठनों ने आंदोलनकारियों से विशेष अपील की है कि वे किसी भी परिस्थिति में पुलिस या सुरक्षा बलों के साथ न उलझें और अपने विरोध को शांतिपूर्ण तरीके से दर्ज कराएं। आंदोलनकारी छात्रों का नेतृत्व कर रहे प्रतिनिधियों का कहना है कि उनका उद्देश्य अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना है, न कि कानून-व्यवस्था को हाथ में लेना। छात्र नेताओं ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से संदेश जारी करते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान संयम बरतना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आंदोलन हिंसक होता है, तो इससे मूल मुद्दे से ध्यान भटक सकता है और प्रशासन को दमनकारी कार्रवाई करने का अवसर मिल जाएगा। यह विरोध प्रदर्शन झारखंड में भर्ती परीक्षाओं के आयोजन और उनके परिणामों में पारदर्शिता की कमी के इर्द-गिर्द केंद्रित है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच, लंबित नियुक्तियों को जल्द पूरा करना और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कानून बनाना शामिल है। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य में कई महत्वपूर्ण परीक्षाएं विवादों के घेरे में रही हैं, जिससे हजारों युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय, विशेषकर झारखंड और बिहार मूल के प्रवासियों के लिए यह मुद्दा काफी संवेदनशील है। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में बसे कई भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई परिवारों के सदस्य भारत में इन परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। प्रवासी समुदाय का मानना है कि सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता की कमी न केवल युवाओं के मनोबल को तोड़ती है, बल्कि इससे सामाजिक असंतोष भी बढ़ता है। आईएनसी24 से बात करते हुए एक प्रवासी भारतीय ने कहा कि भारत में शैक्षिक और प्रशासनिक सुधार अत्यंत आवश्यक हैं ताकि योग्यता के आधार पर युवाओं को अवसर मिल सकें। प्रशासन ने भी विधानसभा घेराव को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। रांची में विधानसभा परिसर के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और कई क्षेत्रों में बैरिकेडिंग कर दी गई है। छात्र नेताओं ने दोहराया है कि वे केवल अपनी लोकतांत्रिक आवाज उठाना चाहते हैं और उम्मीद करते हैं कि राज्य सरकार उनकी वाजिब मांगों पर सकारात्मक विचार करेगी। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इन प्रदर्शनकारियों के साथ संवाद का क्या रास्ता अपनाती है।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

शुभेंदु अधिकारी का बड़ा ऐलान: आपातकाल के बंदियों को मिलेगी ₹10,000 पेंशन, बंगाल के इतिहास की किताबों में होगा सुधार
राजनीति

शुभेंदु अधिकारी का बड़ा ऐलान: आपातकाल के बंदियों को मिलेगी ₹10,000 पेंशन, बंगाल के इतिहास की किताबों में होगा सुधार

पश्चिम बंगाल के विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने 1975 के आपातकाल के दौरान जेल गए 325 लोगों के लिए मासिक पेंशन और स्कूली इतिहास के पुनरीक्षण की योजना की घोषणा की है।

10 अग॰ 2026, 03:37 pm
कल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता के लिए दिल्ली में लागू हो सकता है हरियाणा का 'परिवार पहचान पत्र' मॉडल
राजनीति

कल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता के लिए दिल्ली में लागू हो सकता है हरियाणा का 'परिवार पहचान पत्र' मॉडल

दिल्ली सरकार हरियाणा के 'परिवार पहचान पत्र' की तर्ज पर एक नया सिस्टम लागू करने पर विचार कर रही है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सही पात्रों तक पहुंच सके।

10 अग॰ 2026, 02:37 pm
सावन सोमवार व्रत: केवल दो मुख्य सामग्रियों से तैयार करें स्वादिष्ट हलवा, जानें ऑस्ट्रेलिया में बसे भक्तों के लिए खास टिप्स
राजनीति

सावन सोमवार व्रत: केवल दो मुख्य सामग्रियों से तैयार करें स्वादिष्ट हलवा, जानें ऑस्ट्रेलिया में बसे भक्तों के लिए खास टिप्स

सावन के सोमवार पर व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए केवल दो मुख्य सामग्रियों से बनने वाला यह हलवा न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि ऊर्जा से भरपूर भी है।

10 अग॰ 2026, 01:38 pm