इमिकास्ट
फीफा विश्व कप: ईरानी फुटबॉल टीम को मिला अमेरिकी वीजा, लेकिन सहयोगी स्टाफ के प्रवेश पर रोक
ICN24 Newsroom 6 जून 2026, 12:00 pm

ईरानी राष्ट्रीय फुटबॉल टीम को अमेरिका में होने वाले विश्व कप के लिए वीजा मिल गया है, हालांकि कई महत्वपूर्ण सहयोगी स्टाफ सदस्यों के प्रवेश को सुरक्षा कारणों से रोक दिया गया है।
महीनों की अनिश्चितता और कूटनीतिक तनाव के बाद, ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम को अंततः अमेरिका में होने वाले आगामी फीफा विश्व कप में भाग लेने के लिए वीजा प्रदान कर दिया गया है। चार वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्टि की है कि टीम अब अमेरिका में अपने सभी ग्रुप स्टेज मैच खेल सकेगी। हालांकि, इस फैसले के साथ एक बड़ा विवाद भी जुड़ गया है, क्योंकि अमेरिकी प्रशासन ने टीम के साथ आने वाले कई महत्वपूर्ण सहयोगी स्टाफ और कोचिंग सदस्यों के वीजा आवेदनों को खारिज कर दिया है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब ईरान और मेजबान देशों में से एक, अमेरिका के बीच भू-राजनीतिक संबंध बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। सुरक्षा और आव्रजन नीतियों का हवाला देते हुए, अमेरिकी विदेश विभाग ने खिलाड़ियों को तो अनुमति दी है, लेकिन प्रशासनिक और तकनीकी टीम के एक बड़े हिस्से पर प्रतिबंध लगा दिया है। इससे ईरानी टीम की तैयारियों और टूर्नामेंट के दौरान उनके प्रबंधन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है।
खेल और राजनीति का यह मेल भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए भी विशेष रुचि का विषय है। ऑस्ट्रेलिया, जो स्वयं एक बहुसांस्कृतिक समाज है और जहां बड़ी संख्या में प्रवासी समुदाय बसते हैं, अक्सर अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में इसी तरह की वीजा और आव्रजन चुनौतियों का गवाह बनता रहा है। मेलबर्न और सिडनी में रहने वाले खेल प्रशंसकों के लिए, यह घटना याद दिलाती है कि कैसे वैश्विक राजनीति मैदान के भीतर और बाहर के खेल को प्रभावित करती है।
ईरानी फुटबॉल महासंघ ने इस आंशिक वीजा मंजूरी पर चिंता व्यक्त की है। उनका तर्क है कि एक अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में पूरी टीम के बिना प्रदर्शन करना खिलाड़ियों के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि केवल मुख्य खिलाड़ियों को प्रवेश देना और तकनीकी टीम को रोकना एक 'मनोवैज्ञानिक दबाव' की रणनीति हो सकती है।
विश्व कप के इतिहास में यह पहली बार नहीं है जब आव्रजन नीतियों ने खेल को प्रभावित किया है। हालांकि, मौजूदा वैश्विक परिवेश में इसे एक बड़े कूटनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या ईरानी टीम इस बाधा के बावजूद मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर पाएगी या फिर स्टाफ की कमी उनकी रणनीतियों पर भारी पड़ेगी। इस बीच, फीफा और अंतरराष्ट्रीय खेल निकायों ने अभी तक इस विशेष प्रशासनिक मुद्दे पर कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं की है।
संबंधित ख़बरें
इमिग्रेशन
'व्हाइट ऑस्ट्रेलिया पॉलिसी' खत्म होने से शुरू हुई आव्रजन की समस्याएं: पॉलीन हैंसन
वन नेशन नेता पॉलीन हैंसन ने दावा किया है कि ऑस्ट्रेलिया की मौजूदा आव्रजन चुनौतियां 1970 के दशक में 'व्हाइट ऑस्ट्रेलिया पॉलिसी' के अंत के साथ शुरू हुई थीं।
17 जुल॰ 2026, 09:27 am
इमिग्रेशन
न्यूजीलैंड के मंत्री मार्क पैटरसन का भारत दौरा: ऊन निर्यात बढ़ाने पर जोर, लेकिन FTA पर बरकरार है राजनीतिक गतिरोध
न्यूजीलैंड के कृषि उप मंत्री मार्क पैटरसन भारत में ऊन व्यापार को बढ़ावा देने पहुंचे हैं, लेकिन उनकी पार्टी द्वारा मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के विरोध ने राजनीतिक बहस छेड़ दी है।
14 जुल॰ 2026, 07:56 am
इमिग्रेशन
भारत-ऑस्ट्रेलिया यूरेनियम समझौते पर पॉलीन हैनसन के तीखे तेवर; अल्बनीज सरकार की 'दोहरी नीति' पर उठाए सवाल
वन नेशन की नेता पॉलीन हैनसन ने भारत के साथ हुए नए यूरेनियम समझौते को लेकर सरकार की आलोचना की है। उन्होंने घरेलू स्तर पर परमाणु ऊर्जा पर प्रतिबंध और निर्यात को विरोधाभासी बताया।
12 जुल॰ 2026, 09:36 am

