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भारतीय कारोबारी की बदली किस्मत: 'फ्री' लॉटरी टिकट से जीते 52 करोड़ रुपये, 7 साल का इंतजार खत्म

ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 03:24 am
भारतीय कारोबारी की बदली किस्मत: 'फ्री' लॉटरी टिकट से जीते 52 करोड़ रुपये, 7 साल का इंतजार खत्म

सात साल के निरंतर प्रयास के बाद, संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले एक भारतीय व्यवसायी ने लॉटरी में 52 करोड़ रुपये की बंपर राशि जीती है।

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में रहने वाले एक भारतीय मूल के व्यवसायी के लिए किस्मत का दरवाजा तब खुला, जब उनके एक 'फ्री' लॉटरी टिकट ने उन्हें रातों-रात करोड़ों का मालिक बना दिया। सात वर्षों के लंबे इंतजार और निरंतर निवेश के बाद, इस कारोबारी ने बिग टिकट अबू धाबी (Big Ticket Abu Dhabi) रैफल ड्रा में 23 मिलियन दिरहम, यानी लगभग 52 करोड़ भारतीय रुपये की विशाल राशि अपने नाम की है। दिलचस्प बात यह है कि जिस टिकट ने यह जैकपॉट जीता, वह उन्होंने खरीदा नहीं था, बल्कि वह 'बाय टू गेट वन फ्री' ऑफर के तहत उन्हें मुफ्त में मिला था। कारोबारी ने बताया कि वह पिछले सात सालों से नियमित रूप से लॉटरी टिकट खरीद रहे थे, लेकिन कभी कोई बड़ी सफलता हाथ नहीं लगी थी। इस बार भी उन्होंने दो टिकट खरीदे थे और उनके साथ मिले तीसरे मुफ्त टिकट ने उनकी पूरी जिंदगी बदल कर रख दी। पत्रकारों से बात करते हुए विजेता ने अपनी खुशी साझा की और बताया कि यह उनके धैर्य की परीक्षा थी। उन्होंने कहा, "मैं पिछले सात वर्षों से हर महीने टिकट खरीद रहा था। कई बार मन में निराशा भी हुई, लेकिन मैंने उम्मीद नहीं छोड़ी। जब मुझे जीत का फोन आया, तो मुझे अपनी कानों पर विश्वास नहीं हुआ। यह जीत साबित करती है कि आपकी मेहनत और धैर्य कभी बेकार नहीं जाता।" यह घटना केवल एक व्यक्ति की जीत नहीं है, बल्कि दुनिया भर में फैले भारतीय प्रवासियों की सफलता की कहानियों में एक और अध्याय जोड़ती है। विशेष रूप से ऑस्ट्रेलिया और खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय समुदाय के बीच इस तरह के ड्रा काफी लोकप्रिय हैं। ऑस्ट्रेलिया में भी बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग 'ओज़ लोट्टो' और 'पावरबॉल' जैसे स्थानीय लॉटरी खेलों में भाग लेते हैं, जहाँ अक्सर प्रवासी भारतीयों की किस्मत चमकती देखी गई है। कारोबारी ने अपनी योजना के बारे में बताते हुए कहा कि वह इस राशि का एक बड़ा हिस्सा अपने व्यवसाय के विस्तार और धर्मार्थ कार्यों में खर्च करेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह अपनी जड़ों को नहीं भूले हैं और भारत में अपने परिवार की मदद के साथ-साथ समाज कल्याण के लिए भी योगदान देंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की खबरें प्रवासी समुदायों के बीच एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं। हालांकि, वे यह भी चेतावनी देते हैं कि लॉटरी को निवेश का साधन नहीं समझना चाहिए और इसमें वित्तीय जिम्मेदारी के साथ ही भाग लेना चाहिए। फिलहाल, इस भारतीय व्यवसायी की सफलता की कहानी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है, जो बताती है कि कभी-कभी एक 'मुफ्त' का मौका भी करोड़ों की सौगात ला सकता है।
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