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'भविष्य' पोर्टल से आसान हुई पेंशनभोगियों की राह, केंद्र सरकार ने डिजिटल सुधारों को सराहा

ICN24 Newsroom 21 जून 2026, 01:42 am
'भविष्य' पोर्टल से आसान हुई पेंशनभोगियों की राह, केंद्र सरकार ने डिजिटल सुधारों को सराहा

केंद्र सरकार के अनुसार 'भविष्य' पोर्टल ने पेंशन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाकर देरी और लिपिकीय त्रुटियों को समाप्त कर दिया है, जिससे लाखों बुजुर्गों को लाभ मिल रहा है।

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पेंशन वितरण प्रणाली में एक क्रांतिकारी बदलाव की घोषणा करते हुए कहा है कि 'भविष्य' (Bhavishya) पोर्टल ने केंद्रीय सरकारी पेंशनभोगियों के जीवन को काफी सरल बना दिया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पेंशन मामलों के निपटारे में न केवल तेजी आई है, बल्कि पूरी प्रक्रिया अब पहले से कहीं अधिक पारदर्शी और जवाबदेह हो गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस प्रणाली ने पेंशन जारी करने में होने वाली अनावश्यक देरी और लिपिकीय त्रुटियों को न्यूनतम स्तर पर ला दिया है। पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) द्वारा विकसित यह पोर्टल अब केंद्र सरकार के सभी मुख्य मंत्रालयों और विभागों में अनिवार्य रूप से लागू कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि डिजिटल इंडिया अभियान के तहत उठाए गए इस कदम का मुख्य उद्देश्य 'इज ऑफ लिविंग' (सुगम जीवन) को बढ़ावा देना है। इस प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता इसका पारदर्शी ट्रैकिंग सिस्टम है, जो सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को उनके पेंशन आवेदन की स्थिति की पल-पल की जानकारी प्रदान करता है। ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय के लिए यह खबर विशेष महत्व रखती है। प्रवासी भारतीयों (NRIs) और भारतीय मूल के लोगों (OCIs) के कई परिवार ऐसे हैं जिनके बुजुर्ग सदस्य भारत में सरकारी सेवाओं से सेवानिवृत्त हुए हैं। अक्सर विदेश में रहते हुए पेंशन संबंधी कागजी कार्रवाई या स्टेटस की जांच करना एक बड़ी चुनौती होती थी। 'भविष्य' पोर्टल की डिजिटल पहुंच के माध्यम से अब ऑस्ट्रेलिया या अन्य देशों में बैठे परिजन भी अपने माता-पिता या स्वयं के पेंशन विवरणों की निगरानी इंटरनेट के माध्यम से कर सकते हैं। यह पोर्टल सीधे तौर पर बैंक प्रणालियों और डिजिलॉकर के साथ एकीकृत है, जिससे ई-पीपीओ (इलेक्ट्रॉनिक पेंशन भुगतान आदेश) प्राप्त करना बेहद आसान हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि पहले पेंशन प्रक्रिया में भौतिक फाइलों का चलन था, जिससे दस्तावेज खोने या उनमें सुधार के लिए महीनों का समय लग जाता था। अब, 'भविष्य' पोर्टल के माध्यम से सेवानिवृत्ति से पहले ही पेंशन की फाइल ऑनलाइन शुरू कर दी जाती है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि पोर्टल ने विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को बेहतर बनाया है। अब 16 से अधिक बैंकों को इस पोर्टल के साथ सीधे जोड़ा गया है, जिससे पेंशन राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में बिना किसी बाधा के पहुंच रही है। आने वाले समय में, सरकार इस पोर्टल को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य आधुनिक तकनीकों के साथ और अधिक उन्नत बनाने की योजना बना रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी को अपनी पेंशन शुरू कराने के लिए किसी भी सरकारी कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। पारदर्शिता का यह स्तर न केवल भ्रष्टाचार की संभावनाओं को समाप्त करता है, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानजनक और तनावमुक्त जीवन जीने में भी सहायता प्रदान करता है। केंद्र सरकार की इस पहल को डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
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