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UN में फलस्तीन की पूर्ण सदस्यता का भारत ने किया पुरजोर समर्थन; ब्रुसेल्स में स्पष्ट किया अपना रुख

ICN24 Newsroom 14 जुल॰ 2026, 07:31 pm
UN में फलस्तीन की पूर्ण सदस्यता का भारत ने किया पुरजोर समर्थन; ब्रुसेल्स में स्पष्ट किया अपना रुख

भारत ने ब्रुसेल्स में आयोजित अंतरराष्ट्रीय बैठक में फलस्तीन की संयुक्त राष्ट्र सदस्यता का समर्थन किया और द्वि-राष्ट्र समाधान की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

ब्रुसेल्स में आयोजित एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय बैठक में भारत ने एक बार फिर फलस्तीन को संयुक्त राष्ट्र (UN) की पूर्ण सदस्यता दिए जाने के अपने रुख को स्पष्ट किया है। भारत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह फलस्तीन के एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र बनने के अधिकार का समर्थन करता है। यह घोषणा 'पार्टनरशिप फॉर फलस्तीन' विषय पर आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान की गई, जिसमें दुनिया भर के कई देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्रालय के सचिव (ईआर) पी. कुमारन ने किया। भारतीय प्रतिनिधि ने जोर देकर कहा कि भारत उन शुरुआती देशों में शामिल था जिन्होंने 1980 के दशक में फलस्तीन को एक राष्ट्र के रूप में मान्यता दी थी। उन्होंने कहा कि भारत की नीति हमेशा से 'द्वि-राष्ट्र समाधान' (Two-State Solution) की रही है, जिसमें इस्राइल और फलस्तीन दोनों सुरक्षित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सीमाओं के भीतर शांतिपूर्वक सह-अस्तित्व में रह सकें। इस्राइल-हमास संघर्ष और गाजा की मौजूदा स्थिति पर बोलते हुए, भारतीय प्रतिनिधि ने चिंता व्यक्त की और मानवीय सहायता को निर्बाध रूप से पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। भारत ने कहा कि हिंसा और आतंक का कोई स्थान नहीं है, लेकिन साथ ही फलस्तीनी लोगों की आकांक्षाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। भारत ने इस्राइल के संदर्भ में यह भी स्पष्ट किया कि सुरक्षा और शांति दोनों पक्षों के लिए अनिवार्य है और बातचीत ही एकमात्र रास्ता है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए यह घटनाक्रम काफी महत्वपूर्ण है। पिछले कुछ महीनों में, ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने भी संयुक्त राष्ट्र में फलस्तीन के पक्ष में मतदान किया है, जो ऑस्ट्रेलिया की परंपरागत विदेश नीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। भारत और ऑस्ट्रेलिया, जो 'क्वाड' और अन्य मंचों पर घनिष्ठ साझेदार हैं, वैश्विक मुद्दों पर अब एक जैसे रुख अपनाते दिख रहे हैं। मेलबर्न और सिडनी जैसे शहरों में रहने वाले भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई प्रवासियों के लिए, अपनी मातृभूमि का यह संतुलित और न्यायपूर्ण अंतरराष्ट्रीय रुख गर्व का विषय है। भारत ने इस अवसर पर यह भी याद दिलाया कि उसने फलस्तीन में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए हमेशा योगदान दिया है। भारत ने फलस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी (UNRWA) को दी जाने वाली सहायता को भी जारी रखने की बात कही है। अंत में, भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने आह्वान किया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एक ऐसा माहौल बनाना चाहिए जिससे इस दशकों पुराने संघर्ष का स्थायी और शांतिपूर्ण समाधान निकल सके।
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