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शाहरुख खान के 'मन्नत' में अतिरिक्त निर्माण को सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी, याचिका खारिज

ICN24 Newsroom 14 जुल॰ 2026, 08:31 pm
शाहरुख खान के 'मन्नत' में अतिरिक्त निर्माण को सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी, याचिका खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने शाहरुख खान के मुंबई स्थित घर 'मन्नत' में अतिरिक्त निर्माण के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया है, जिससे अभिनेता को बड़ी राहत मिली है।

भारत के उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को बॉलीवुड के 'बादशाह' शाहरुख खान के पक्ष में एक महत्वपूर्ण कानूनी फैसला सुनाया। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने मुंबई के बांद्रा स्थित उनके प्रसिद्ध आवास 'मन्नत' में दो अतिरिक्त मंजिलों के निर्माण के लिए दी गई कोस्टल रेगुलेशन ज़ोन (CRZ) मंजूरी को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट के इस निर्णय से अभिनेता के घर के विस्तार से जुड़ी कानूनी बाधाएं पूरी तरह समाप्त हो गई हैं। यह मामला तब चर्चा में आया जब याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि 'मन्नत' में निर्माण कार्य के लिए मिली पर्यावरणीय मंजूरियों में नियमों की अनदेखी की गई है। याचिका में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के उस पुराने आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसने निर्माण कार्य को क्लीन चिट दी थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि एनजीटी के फैसले में हस्तक्षेप करने का कोई ठोस कारण नजर नहीं आता। कोर्ट ने माना कि संबंधित अधिकारियों द्वारा दी गई मंजूरी कानून के दायरे में थी और इसमें किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया गया है। मुंबई का 'मन्नत' सिर्फ एक घर नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा प्रेमियों के लिए एक लैंडमार्क है। बांद्रा के बैंडस्टैंड इलाके में स्थित यह बंगला अपनी ऐतिहासिक बनावट और समुद्र के किनारे होने के कारण हमेशा चर्चा में रहता है। शाहरुख खान की वैश्विक लोकप्रियता के चलते ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के बीच भी यह खबर काफी दिलचस्पी का विषय है। मेलबर्न और सिडनी जैसे शहरों में रहने वाले प्रवासी भारतीय अक्सर भारत यात्रा के दौरान 'मन्नत' के बाहर अभिनेता की एक झलक पाने के लिए एकत्र होते हैं। इस कानूनी विवाद का केंद्र कोस्टल रेगुलेशन ज़ोन (CRZ) के नियम थे, जो तटीय क्षेत्रों में निर्माण को नियंत्रित करते हैं। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण समुद्र के निकट होने के कारण पर्यावरण के लिए संवेदनशील क्षेत्र के मानकों का उल्लंघन करता है। लेकिन शाहरुख खान की कानूनी टीम ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि सभी आवश्यक अनुमतियां संबंधित नागरिक निकायों और पर्यावरण मंत्रालयों से प्राप्त की गई थीं। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला उन बिल्डरों और संपत्ति मालिकों के लिए भी एक नजीर है जो तटीय क्षेत्रों में निर्माण कार्य करते हैं। यह स्पष्ट करता है कि यदि प्रक्रियात्मक औपचारिकताएं सही तरीके से पूरी की गई हैं, तो केवल धारणा के आधार पर निर्माण को नहीं रोका जा सकता। शाहरुख खान, जिन्हें हाल ही में कई बड़े अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों और सम्मानों से नवाजा गया है, के लिए यह साल पेशेवर और कानूनी दोनों मोर्चों पर सफल साबित हो रहा है।
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