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अवैध विदेशी नागरिकों पर कानून के तहत होगी कार्रवाई: विदेश मंत्रालय का रुख स्पष्ट

ICN24 Newsroom 6 जून 2026, 08:00 pm
अवैध विदेशी नागरिकों पर कानून के तहत होगी कार्रवाई: विदेश मंत्रालय का रुख स्पष्ट

भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में अवैध रूप से रह रहे सभी विदेशी नागरिकों, विशेषकर बांग्लादेशियों, के खिलाफ स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।

नई दिल्ली: भारत सरकार ने अवैध प्रवासन के मुद्दे पर अपना रुख एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को कहा कि देश में अवैध रूप से रह रहे सभी विदेशी नागरिकों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इसमें बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल हैं, जिनकी राष्ट्रीयता की पुष्टि होने के बाद निर्वासन (deportation) की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि अवैध प्रवासियों की पहचान और उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया एक निरंतर चलने वाली कानूनी प्रक्रिया है। वर्तमान में, बांग्लादेशी नागरिकों के मामले में, ढाका द्वारा राष्ट्रीयता सत्यापन (nationality verification) की प्रतीक्षा की जा रही है। एक बार जब संबंधित देश इन व्यक्तियों की नागरिकता की पुष्टि कर देता है, तो उन्हें औपचारिक रूप से वापस भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी जाती है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रवासन और नागरिकता के नियमों को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए भी यह खबर प्रासंगिक है, क्योंकि यह भारत की अपनी सीमाओं और संप्रभुता के प्रति सख्त नीतियों को दर्शाता है। विदेशी सरकारों के साथ समन्वय के माध्यम से, भारत यह सुनिश्चित करना चाहता है कि केवल वैध दस्तावेजों वाले व्यक्ति ही देश में रहें। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यह किसी विशिष्ट समुदाय या देश के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह विशुद्ध रूप से एक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया है। द्विपक्षीय समझौतों के तहत, भारत अपने पड़ोसियों के साथ मिलकर उन नागरिकों की पहचान करने की दिशा में काम कर रहा है जो बिना वैध वीजा या परमिट के रह रहे हैं। आगामी महीनों में, सरकार द्वारा सीमा सुरक्षा बढ़ाने और डेटाबेस को डिजिटल बनाने के प्रयासों में तेजी लाने की उम्मीद है। विदेश मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि सभी मामलों में मानवीय दृष्टिकोण और अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का पालन किया जाएगा, लेकिन कानून का उल्लंघन करने वालों को देश में अनिश्चित काल तक रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती। ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों में रहने वाले अनिवासी भारतीयों (NRIs) के लिए, अपनी नागरिकता की स्थिति और यात्रा दस्तावेजों को अद्यतन रखना हमेशा अनिवार्य रहता है।
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