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आयकर अधिनियम 2025: स्वास्थ्य बीमा पर टैक्स लाभ, कटौती की सीमा और पात्रता के बारे में विस्तार से जानें
ICN24 Newsroom 20 अग॰ 2026, 03:38 pm

आयकर अधिनियम 2025 के तहत स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर मिलने वाली टैक्स छूट और इसके नियमों की विस्तृत जानकारी। जानिए एनआरआई और भारतीय नागरिकों के लिए क्या हैं प्रावधान।
भारत में आयकर अधिनियम 2025 के तहत स्वास्थ्य बीमा (Health Insurance) न केवल वित्तीय सुरक्षा का माध्यम है, बल्कि यह टैक्स बचत का एक महत्वपूर्ण उपकरण भी बना हुआ है। धारा 80D के तहत उपलब्ध कटौती व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) को उनके द्वारा भुगतान किए गए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर राहत प्रदान करती है। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय और अनिवासी भारतीयों (NRI) के लिए, जो भारत में अपनी संपत्तियों या आय पर कर देते हैं, इन नियमों को समझना और भी आवश्यक हो जाता है।
आयकर अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, एक व्यक्ति स्वयं, अपने जीवनसाथी और आश्रित बच्चों के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम पर 25,000 रुपये तक की कटौती का दावा कर सकता है। यदि करदाता या उसका जीवनसाथी वरिष्ठ नागरिक (60 वर्ष या उससे अधिक) है, तो यह सीमा बढ़कर 50,000 रुपये हो जाती है। इसके अतिरिक्त, माता-पिता के लिए बीमा प्रीमियम के भुगतान पर अलग से कटौती का लाभ मिलता है। यदि माता-पिता वरिष्ठ नागरिक नहीं हैं, तो 25,000 रुपये और यदि वे वरिष्ठ नागरिक हैं, तो 50,000 रुपये की अतिरिक्त छूट मिलती है। इस प्रकार, एक व्यक्ति कुल मिलाकर 1,00,000 रुपये तक की टैक्स छूट प्राप्त कर सकता है।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण बिंदु यह है कि यदि वे भारत में कर भुगतान करते हैं, तो वे अपने माता-पिता के लिए भारत में खरीदी गई स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के प्रीमियम पर इस कटौती का दावा कर सकते हैं। यह न केवल उनके माता-पिता की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करता है, बल्कि उनकी भारतीय कर देनदारी को भी कम करता है। हालांकि, यह ध्यान रखना अनिवार्य है कि प्रीमियम का भुगतान नकद (Cash) में नहीं किया जाना चाहिए। केवल चेक, नेट बैंकिंग या कार्ड के माध्यम से किए गए भुगतान ही आयकर छूट के लिए पात्र माने जाते हैं।
अधिनियम में 'प्रिवेंटिव हेल्थ चेक-अप' (निवारक स्वास्थ्य जांच) के लिए भी प्रावधान किए गए हैं। इसके तहत 5,000 रुपये तक की छूट का दावा किया जा सकता है, जो कि 25,000 या 50,000 रुपये की कुल सीमा के भीतर ही शामिल होती है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए, जिन्हें अक्सर पुरानी बीमारियों के कारण बीमा कवरेज मिलने में कठिनाई होती है, सरकार ने चिकित्सा व्यय (Medical Expenditure) पर भी छूट का प्रावधान रखा है, बशर्ते उनके पास कोई स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी न हो।
अंत में, करदाताओं को यह सलाह दी जाती है कि वे पुरानी कर व्यवस्था (Old Tax Regime) और नई कर व्यवस्था (New Tax Regime) के बीच के अंतर को समझें। धारा 80D के लाभ मुख्य रूप से पुरानी कर व्यवस्था के तहत उपलब्ध हैं। 2025 के वित्तीय नियोजन में, स्वास्थ्य बीमा को केवल एक खर्च के रूप में नहीं, बल्कि एक सुरक्षित भविष्य और स्मार्ट निवेश के रूप में देखा जाना चाहिए। सही समय पर और सही तरीके से किया गया निवेश आपके परिवार के स्वास्थ्य के साथ-साथ आपकी मेहनत की कमाई को भी बचाता है।
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