ऑस्ट्रेलिया
ऑनलाइन नफरती भाषण रोकना तकनीकी रूप से संभव, लेकिन 'X' और सरकार की इच्छाशक्ति की कमी: रॉयल कमीशन
ICN24 Newsroom 3 जुल॰ 2026, 09:31 pm

एंटी-सेमिटिज्म रॉयल कमीशन में विशेषज्ञों ने गवाही दी कि ऑनलाइन हेट स्पीच को रोका जा सकता है, लेकिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' और सरकार ढिलाई बरत रहे हैं।
ऑस्ट्रेलिया में बढ़ते नफरती भाषणों (Hate Speech) की जांच कर रहे एंटी-सेमिटिज्म रॉयल कमीशन (Anti-Semitism Royal Commission) के सामने एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आयोग को बताया गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नफरती सामग्री और भेदभावपूर्ण टिप्पणियों को रोकना तकनीकी रूप से बहुत आसान है, लेकिन एलन मस्क के स्वामित्व वाला प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) और ऑस्ट्रेलियाई संघीय सरकार इस दिशा में कड़े कदम उठाने से कतरा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समस्या तकनीक की कमी नहीं, बल्कि कॉर्पोरेट और राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी का परिणाम है।
आयोग की सुनवाई के दौरान डिजिटल सुरक्षा विशेषज्ञों ने तर्क दिया कि आधुनिक एल्गोरिदम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से अपमानजनक सामग्री की पहचान करना और उसे हटाना पूरी तरह संभव है। हालांकि, व्यावसायिक लाभ और 'फ्री स्पीच' के नाम पर कई बड़ी कंपनियां इन सुरक्षा मानकों को लागू करने में देरी कर रही हैं। गवाहों ने बताया कि नफरत फैलाने वाले अकाउंट्स को ब्लॉक करने या उनकी पहुंच सीमित करने के लिए पर्याप्त उपकरण मौजूद हैं, लेकिन उनका उपयोग नहीं किया जा रहा है।
यह मुद्दा केवल एक समुदाय तक सीमित नहीं है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए भी यह चिंता का विषय है। पिछले कुछ वर्षों में सिडनी, मेलबर्न और पर्थ जैसे शहरों में भारतीय प्रवासियों को भी ऑनलाइन नस्लीय टिप्पणी और धार्मिक विद्वेष का सामना करना पड़ा है। जब प्लेटफॉर्म नफरत फैलाने वालों को खुली छूट देते हैं, तो इसका सीधा असर सामाजिक सौहार्द पर पड़ता है। भारतीय समुदाय के नेताओं ने अक्सर यह चिंता जताई है कि सोशल मीडिया पर अनियंत्रित नफरत के कारण वास्तविक जीवन में हिंसा और भेदभाव का खतरा बढ़ जाता है।
संघीय सरकार की आलोचना करते हुए आयोग को बताया गया कि नियामक तंत्र यानी रेगुलेटरी बॉडीज के पास पर्याप्त शक्तियां नहीं हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक सरकार सोशल मीडिया कंपनियों पर भारी जुर्माना नहीं लगाएगी या उन्हें जवाबदेह नहीं बनाएगी, तब तक वे स्वेच्छा से कुछ नहीं करेंगे। 'X' जैसे प्लेटफॉर्म्स ने हाल के महीनों में अपने मॉडरेशन स्टाफ में कटौती की है, जिससे स्थिति और भी खराब हो गई है।
आयोग की यह रिपोर्ट भविष्य में ऑस्ट्रेलिया के ऑनलाइन सुरक्षा कानूनों (Online Safety Laws) को और कड़ा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। भारतीय समुदाय सहित ऑस्ट्रेलिया के सभी अल्पसंख्यक वर्गों की सुरक्षा के लिए यह अनिवार्य है कि सरकार और सोशल मीडिया दिग्गज अपनी जिम्मेदारी समझें। यदि तकनीकी समाधान उपलब्ध हैं, तो उनका उपयोग न करना केवल लापरवाही नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा के साथ समझौता है।
संबंधित ख़बरें

ऑस्ट्रेलिया
नफरती भाषणों पर लगाम लगाना तकनीकी रूप से संभव, लेकिन 'X' और सरकार की इच्छाशक्ति में कमी: रॉयल कमीशन
यहूदी-विरोधीवाद पर रॉयल कमीशन को बताया गया कि नफरती भाषणों को रोकना तकनीकी रूप से आसान है, लेकिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और सरकार कार्रवाई करने में विफल रहे हैं।
3 जुल॰ 2026, 10:31 pm

ऑस्ट्रेलिया
स्नैपलॉजिक ने लॉन्च किया MCP बिल्डर; एआई (AI) एकीकरण की जटिलताओं को करेगा खत्म
स्नैपलॉजिक का नया MCP बिल्डर कंपनियों को अपने एआई प्रोजेक्ट्स को पायलट स्टेज से निकालकर तेजी से लागू करने में मदद करेगा, जिससे आईटी क्षेत्र में दक्षता बढ़ेगी।
3 जुल॰ 2026, 08:31 pm

ऑस्ट्रेलिया
SnapLogic ने लॉन्च किया MCP बिल्डर; AI इंटीग्रेशन को मिलेगी नई रफ्तार
SnapLogic का नया MCP बिल्डर कंपनियों को अपने AI प्रोजेक्ट्स को पायलट स्टेज से आगे ले जाने और मौजूदा डेटा इंटीग्रेशन को सुरक्षित AI टूल्स में बदलने में मदद करेगा।
3 जुल॰ 2026, 07:31 pm

