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मानसून में इलेक्ट्रिक स्कूटर की सुरक्षा और रखरखाव: इन 5 खास बातों का रखें ध्यान
ICN24 Newsroom 3 जुल॰ 2026, 04:31 pm

मानसून की बारिश जहां गर्मी से राहत देती है, वहीं इलेक्ट्रिक स्कूटरों के लिए यह चुनौतीपूर्ण हो सकती है। जानें वे 5 जरूरी टिप्स जिनसे आप अपने EV को सुरक्षित रख सकते हैं।
मानसून का आगमन जहां भीषण गर्मी से राहत लेकर आता है, वहीं यह इलेक्ट्रिक स्कूटर (EV) मालिकों के लिए कुछ अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी साथ लाता है। भारत के राज्यों में भारी मानसून हो या ऑस्ट्रेलिया के सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में अचानक होने वाली मूसलाधार बारिश, दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए नमी और जल-जमाव एक बड़ी चुनौती बन सकते हैं। इलेक्ट्रिक स्कूटर के संवेदनशील इलेक्ट्रिकल पुर्जों और बैटरी पैक को सुरक्षित रखने के लिए सही रखरखाव बेहद जरूरी है।
इलेक्ट्रिक स्कूटर की सबसे महत्वपूर्ण और महंगी इकाई उसकी बैटरी होती है। बारिश के मौसम में बैटरी को नमी से बचाना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि आप अपने स्कूटर को बाहर पार्क करते हैं, तो हमेशा एक अच्छी गुणवत्ता वाले वॉटरप्रूफ कवर का उपयोग करें। नमी के कारण कनेक्टर और सर्किट में शॉर्ट-सर्किट होने का खतरा रहता है।
पहली और सबसे महत्वपूर्ण टिप है - सुरक्षित पार्किंग और चार्जिंग। बारिश के दौरान या गीले वातावरण में कभी भी अपने स्कूटर को चार्ज न करें। यदि चार्जिंग सॉकेट गीला है, तो उसे सुखाने के बाद ही उपयोग में लाएं। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय मूल के वे लोग जो गीग इकॉनमी या डिलीवरी सेवाओं (जैसे UberEats या DoorDash) में इलेक्ट्रिक स्कूटर का उपयोग करते हैं, उन्हें विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए कि वे भारी बारिश के दौरान चार्जिंग पॉइंट को खुला न छोड़ें।
दूसरी टिप जल-जमाव वाले रास्तों से बचने की है। हालांकि अधिकांश आधुनिक इलेक्ट्रिक स्कूटर IP67 रेटिंग के साथ आते हैं, जो उन्हें कुछ हद तक पानी से सुरक्षा प्रदान करते हैं, लेकिन लंबे समय तक गहरे पानी में स्कूटर चलाने से मोटर और बैटरी के अंदर पानी जा सकता है। कोशिश करें कि पानी के उन गड्ढों से बचें जो हब मोटर के स्तर तक ऊंचे हों।
तीसरी महत्वपूर्ण बात है टायरों और ब्रेक की जांच। बारिश में सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं, जिससे टायर की पकड़ कमजोर पड़ सकती है। अपने टायरों के 'थ्रेड' की नियमित जांच करें। यदि टायर घिस चुके हैं, तो उन्हें तुरंत बदलें क्योंकि गीली सड़कों पर ब्रेक लगाने पर स्कूटर के फिसलने का खतरा अधिक होता है। ब्रेकिंग सिस्टम को भी साफ और नमी मुक्त रखें ताकि वे सही समय पर प्रभावी ढंग से काम कर सकें।
चौथी टिप सफाई और रस्ट प्रोटेक्शन (जंग से सुरक्षा) से संबंधित है। बारिश का पानी अक्सर अम्लीय हो सकता है या उसमें गंदगी हो सकती है जो धातु के हिस्सों में जंग पैदा कर सकती है। बारिश में चलाने के बाद अपने स्कूटर को एक सूखे कपड़े से पोंछें। विशेष रूप से उन हिस्सों पर ध्यान दें जहां तार और कनेक्टर बाहर निकले हों। लुब्रिकेशन का भी ध्यान रखें ताकि चलने वाले पुर्जे सुचारू रूप से काम करें।
अंत में, नियमित पेशेवर सर्विसिंग को नजरअंदाज न करें। मानसून शुरू होने से पहले एक बार विशेषज्ञ तकनीशियन से अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर के इंसुलेशन और वायरिंग की जांच जरूर करवाएं। एक छोटी सी सावधानी न केवल आपके वाहन की उम्र बढ़ाएगी, बल्कि सड़क पर आपकी सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगी।
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