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गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई: उत्तर प्रदेश में अवैध लिंग परीक्षण गिरोह का भंडाफोड़

ICN24 Newsroom 6 जून 2026, 09:30 pm
गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई: उत्तर प्रदेश में अवैध लिंग परीक्षण गिरोह का भंडाफोड़

गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग ने एक अंतरराज्यीय छापेमारी में उत्तर प्रदेश के बिजनौर से अवैध लिंग जांच गिरोह को पकड़ा है। विभाग ने जाल बिछाकर आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया।

गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में सक्रिय एक अवैध भ्रूण लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. लोकवीर सिंह को मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर विभाग ने एक विशेष टीम का गठन किया, जिसने जाल बिछाकर इस गिरोह के सदस्यों को रंगे हाथ दबोचा। यह कार्रवाई पीसीपीएनडीटी (PNDT) अधिनियम के तहत की गई है, जो भारत में कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए बनाया गया एक सख्त कानून है। जांच टीम के अनुसार, विभाग को पिछले कुछ समय से सूचना मिल रही थी कि गुरुग्राम और आसपास के इलाकों से गर्भवती महिलाओं को लिंग परीक्षण के लिए उत्तर प्रदेश के बिजनौर ले जाया जा रहा था। इस गिरोह को पकड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक फर्जी ग्राहक (पंटर) तैयार किया। इस महिला ने गिरोह के एजेंटों से संपर्क किया, जिसके बाद उन्हें एक निश्चित राशि के बदले बिजनौर बुलाया गया। जैसे ही परीक्षण की प्रक्रिया शुरू हुई, पहले से घात लगाकर बैठी गुरुग्राम की टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से छापेमारी की और मौके से अल्ट्रासाउंड मशीन व अन्य उपकरण जब्त किए। सीएमओ डॉ. लोकवीर सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में बिजनौर का एक स्थानीय डॉक्टर और कुछ बिचौलिए शामिल हैं। ये लोग भोले-भाले परिवारों को निशाना बनाकर उनसे मोटी रकम वसूलते थे। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि यह गिरोह न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि हरियाणा के भी कई जिलों में अपने एजेंटों के माध्यम से नेटवर्क चला रहा था। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और उनसे पूछताछ जारी है ताकि इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाया जा सके। भारत में लिंग परीक्षण एक गंभीर अपराध है और सरकार इसे रोकने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि वहां के कानून और सामाजिक संरचना अलग हैं। ऑस्ट्रेलिया में भ्रूण की जांच कानूनी रूप से स्वास्थ्य कारणों से की जाती है, लेकिन भारत में इसके दुरुपयोग के कारण इस पर कड़ा प्रतिबंध है। प्रवासी भारतीयों को अक्सर भारत में अपने पैतृक स्थानों पर इस तरह के अवैध कार्यों के बारे में सूचित किया जाता है, ताकि वे जागरूक रहें और समाज में इस कुरीति को खत्म करने में योगदान दे सकें। यह कार्रवाई एक बार फिर यह स्पष्ट करती है कि प्रशासन अवैध लिंग चयन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास किसी भी अवैध क्लिनिक या लिंग परीक्षण की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत प्रशासन को सूचित करें। इस तरह के अभियानों का उद्देश्य समाज में लिंगानुपात को संतुलित करना और महिलाओं के प्रति होने वाले भेदभाव को जड़ से मिटाना है।
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