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सुंदर पिचाई से लेकर पद्मा लक्ष्मी तक: अमेरिका के 'सबसे सफल प्रवासियों' की सूची में भारतीय दिग्गजों का दबदबा

ICN24 Newsroom 14 जून 2026, 01:31 pm
सुंदर पिचाई से लेकर पद्मा लक्ष्मी तक: अमेरिका के 'सबसे सफल प्रवासियों' की सूची में भारतीय दिग्गजों का दबदबा

फोर्ब्स की नई सूची में 26 भारतीय मूल के दिग्गजों को अमेरिका के सबसे सफल प्रवासियों के रूप में चुना गया है, जो वैश्विक मंच पर भारतीय प्रतिभा की ताकत को दर्शाता है।

संयुक्त राज्य अमेरिका में भारतीय मूल की प्रतिभाओं ने एक बार फिर अपनी सफलता का परचम लहराया है। प्रतिष्ठित मैगजीन फोर्ब्स द्वारा जारी 'अमेरिका के सबसे सफल प्रवासियों' की हालिया सूची में 26 भारतीय मूल के दिग्गजों को शामिल किया गया है। इस सूची में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, माइक्रोसॉफ्ट के सत्य नडेला और पेप्सिको की पूर्व प्रमुख इंदिरा नूयी जैसे नाम शामिल हैं। यह रैंकिंग न केवल इन व्यक्तियों की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह वैश्विक अर्थव्यवस्था में प्रवासियों की महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित करती है। फोर्ब्स की इस सूची में तकनीक, व्यापार, विज्ञान और कला जैसे विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों को स्थान दिया गया है। सुंदर पिचाई और सत्य नडेला जैसे नाम आज केवल कॉर्पोरेट जगत के नेता नहीं हैं, बल्कि वे नवाचार और डिजिटल क्रांति के वैश्विक प्रतीक बन चुके हैं। सूची में भारतीय-अमेरिकी लेखिका और कुकबुक ऑथर पद्मा लक्ष्मी का नाम शामिल होना यह दर्शाता है कि भारतीय समुदाय ने सांस्कृतिक और रचनात्मक क्षेत्रों में भी अपनी गहरी पैठ बनाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब अमेरिका में आव्रजन (Immigration) नीतियों को लेकर बहस छिड़ी हुई है। यह सूची स्पष्ट करती है कि प्रवासियों ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को न केवल मजबूती दी है, बल्कि वहां की कार्यक्षमता और नवाचार की संस्कृति को भी समृद्ध किया है। भारतीय मूल के इन नेताओं की सफलता की कहानियां उनकी कड़ी मेहनत, शिक्षा के प्रति समर्पण और विपरीत परिस्थितियों में ढलने की क्षमता को दर्शाती हैं। ऑस्ट्रेलियाई परिप्रेक्ष्य में देखें तो यह रिपोर्ट भारतवंशी समुदाय के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत है। ऑस्ट्रेलिया में भी भारतीय समुदाय सबसे तेजी से बढ़ने वाला प्रवासी समूह है। सिडनी, मेलबर्न और पर्थ जैसे शहरों में भारतीय पेशेवर तकनीकी और चिकित्सा क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। जिस तरह अमेरिका में पिचाई और नडेला ने सफलता की ऊंचाइयों को छुआ है, उसी तरह ऑस्ट्रेलिया में भी भारतीय मूल के उद्यमी और राजनेता अपनी जगह बना रहे हैं। यह वैश्विक ट्रेंड इस बात का प्रमाण है कि भारतीय प्रतिभाएं जहां भी जाती हैं, वे वहां के सामाजिक और आर्थिक ढांचे में सकारात्मक बदलाव लाती हैं। फोर्ब्स की इस सूची में अन्य प्रमुख नामों में एडोब के शांतनु नारायण और अरिस्टा नेटवर्क्स की जयश्री उल्लाल भी शामिल हैं। इन हस्तियों की सफलता यह संदेश देती है कि आव्रजन केवल एक देश से दूसरे देश की यात्रा नहीं है, बल्कि यह ज्ञान, कौशल और मूल्यों का आदान-प्रदान है। यह वैश्विक भारतीय डायस्पोरा के बढ़ते प्रभाव की एक और पुष्टि है, जो दुनिया के हर कोने में अपनी पहचान बना रहा है।
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