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फीफा वर्ल्ड कप: ईरानी फुटबॉल टीम के लिए अमेरिका की 'फ्लाई इन, प्ले, फ्लाई आउट' नीति, वीजा विवाद गहराया

ICN24 Newsroom 7 जून 2026, 07:01 pm
फीफा वर्ल्ड कप: ईरानी फुटबॉल टीम के लिए अमेरिका की 'फ्लाई इन, प्ले, फ्लाई आउट' नीति, वीजा विवाद गहराया

ईरान की फुटबॉल टीम को आगामी विश्व कप के लिए अमेरिका द्वारा कड़े वीजा प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे टीम प्रबंधन और खेल जगत में नाराजगी है।

आगामी फीफा विश्व कप से पहले कूटनीतिक तनाव अब खेल के मैदान तक पहुंच गया है। ईरानी फुटबॉल टीम को अमेरिका में आयोजित होने वाले मैचों के लिए कड़े वीजा प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने खिलाड़ियों को तो वीजा जारी कर दिया है, लेकिन टीम के सहयोगी स्टाफ और कई महत्वपूर्ण अधिकारियों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। इस स्थिति को 'फ्लाई इन, प्ले, फ्लाई आउट' का नाम दिया जा रहा है, जिसका अर्थ है कि टीम को केवल मैच खेलने की अनुमति होगी और उन्हें तुरंत देश छोड़ना होगा। ईरानी फुटबॉल महासंघ ने इस व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताई है। तेहरान का कहना है कि खेल और राजनीति को अलग रखा जाना चाहिए, लेकिन अमेरिका का यह कदम खिलाड़ियों के मनोबल को प्रभावित करने वाला है। फिलहाल ईरानी टीम अपनी तैयारियों के लिए मैक्सिको पहुंच चुकी है, क्योंकि वहां से अमेरिका की यात्रा करना तुलनात्मक रूप से आसान है। हालांकि, तकनीकी स्टाफ के बिना टीम का अभ्यास और रणनीतिक तैयारी बाधित होने की आशंका है। यह मामला केवल प्रशासनिक नहीं रह गया है। बीबीसी और द गार्जियन की रिपोर्टों के अनुसार, कई शीर्ष कोचों और विश्लेषण टीम के सदस्यों के वीजा आवेदन बिना किसी ठोस कारण के खारिज कर दिए गए हैं। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय और दक्षिण एशियाई खेल प्रेमियों के लिए यह खबर चिंताजनक है, क्योंकि खेल आयोजनों में इस तरह के वीजा विवाद भविष्य के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए एक नकारात्मक मिसाल पेश कर सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया खुद एक बहुसांस्कृतिक देश है जहां खेल कूटनीति का बड़ा महत्व है, ऐसे में इस घटनाक्रम पर सिडनी और मेलबर्न के फुटबॉल प्रशंसक करीब से नजर रख रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रतिबंध ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे लंबे राजनीतिक गतिरोध का परिणाम है। जबकि फीफा के नियम मेजबान देश को सभी प्रतिभागी टीमों को समान सुविधाएं प्रदान करने के लिए बाध्य करते हैं, सुरक्षा और राष्ट्रीय नीति का हवाला देकर अमेरिका ने इन नियमों के बीच एक जटिल स्थिति पैदा कर दी है। भारतीय समुदाय के जो प्रशंसक अमेरिका में विश्व कप देखने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए भी यात्रा संबंधी नियमों में बदलाव एक महत्वपूर्ण कारक हो सकता है। ईरानी खेमे ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल जगत से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका तर्क है कि यदि कोचिंग स्टाफ को साथ रहने की अनुमति नहीं दी जाती, तो यह निष्पक्ष खेल (Fair Play) के सिद्धांतों का उल्लंघन होगा। अब देखना यह है कि क्या फीफा इस मामले में हस्तक्षेप कर अमेरिका को अपने कड़े रुख में ढील देने के लिए राजी कर पाता है या खिलाड़ियों को इन असाधारण प्रतिबंधों के बीच ही मैदान पर उतरना होगा।
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