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फीफा विश्व कप 2026: अमेरिकी वीजा प्रतिबंधों के खिलाफ फीफा से शिकायत करेगा ईरान, तैयारियों में बाधा का लगाया आरोप
ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 03:08 am

ईरान ने 2026 फीफा विश्व कप के दौरान अमेरिकी वीजा नियमों को अपनी टीम की तैयारियों में बड़ी बाधा बताते हुए फीफा में औपचारिक शिकायत दर्ज करने का निर्णय लिया है।
ईरान फुटबॉल महासंघ ने आगामी 2026 फीफा विश्व कप के आयोजन के दौरान अमेरिका द्वारा लगाए गए कड़े वीजा और यात्रा प्रतिबंधों के विरोध में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ (फीफा) का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है। ईरानी खेल अधिकारियों का तर्क है कि अमेरिका की सख्त वीजा नीतियां न केवल उनकी टीम के रसद (logistics) प्रबंधन को प्रभावित कर रही हैं, बल्कि यह खेल की निष्पक्षता और 'फेयर प्ले' के सिद्धांतों के भी खिलाफ है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब ईरान अपनी ग्रुप जी की संभावनाओं को लेकर पहले से ही दबाव में है।
ईरान की ओर से जारी रिपोर्टों के अनुसार, इन प्रतिबंधों के कारण टीम को अपनी रणनीतियों में बड़े बदलाव करने पड़े हैं। टीम को अपने प्रशिक्षण शिविरों (ट्रेनिंग बेस) को अंतिम समय में बदलना पड़ा है और स्थिति यहाँ तक पहुँच गई है कि खिलाड़ियों को केवल मैच वाले दिनों में ही मेजबान देश में आने-जाने की अनुमति मिल सकती है। ईरानी महासंघ का कहना है कि 'फ्लाई-इन और फ्लाई-आउट' की यह स्थिति खिलाड़ियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और इससे उनके प्रदर्शन पर बुरा असर पड़ेगा।
इसके अलावा, ईरान ने यह भी मुद्दा उठाया है कि उनके सहयोगी स्टाफ (सपोर्ट स्टाफ) के एक बड़े हिस्से को अभी तक वीजा मंजूरी नहीं मिली है। एक अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में कोच, फिजियोथेरेपिस्ट और तकनीकी विश्लेषकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, और उनकी अनुपस्थिति में टीम का संतुलन बिगड़ना तय है। ईरानी अधिकारियों का मानना है कि ये प्रशासनिक बाधाएं जानबूझकर उनके रास्ते में रोड़े अटकाने के लिए इस्तेमाल की जा रही हैं, जो सीधे तौर पर टीम की तैयारियों को बाधित करती हैं।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए, जो फुटबॉल के प्रति काफी जुनूनी है, यह घटना अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में आव्रजन (immigration) नीतियों के प्रभाव को दर्शाती है। ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में रहने वाले प्रवासी अक्सर खेल आयोजनों के लिए वीजा की जटिलताओं को समझते हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि फीफा इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करता है, तो यह भविष्य में अन्य देशों के लिए भी एक गलत मिसाल कायम कर सकता है।
2026 का विश्व कप अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। भौगोलिक विस्तार के कारण पहले से ही यात्रा संबंधी चुनौतियाँ अधिक हैं, और ईरान जैसे देशों के लिए राजनीतिक तनाव के कारण ये और भी गंभीर हो गई हैं। अब सबकी निगाहें फीफा के जवाब पर टिकी हैं कि वह इस शिकायत को किस तरह देखता है और क्या वह खेल भावना को बनाए रखने के लिए अमेरिका पर दबाव डालेगा।
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