राजनीति
उज्जैन में आस्था के नाम पर ठगी: 'बेटों पर मौत का साया' बताकर बुजुर्ग महिला से लूटे लाखों के गहने
ICN24 Newsroom 11 जून 2026, 05:00 am

मध्य प्रदेश के उज्जैन में ठगों ने एक बुजुर्ग महिला को उनके बेटों की जान का डर दिखाकर लाखों रुपये के सोने के जेवर ठग लिए।
मध्य प्रदेश के धार्मिक शहर उज्जैन से धोखाधड़ी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां जालसाजों ने एक बुजुर्ग महिला की धार्मिक आस्था और ममता का फायदा उठाकर लाखों रुपये के गहने पार कर दिए। ठगों ने 71 वर्षीय मनोरमा जैन को उनके बेटों पर 'मौत का साया' होने का डर दिखाया और उन्हें मंत्रों के जाल में उलझाकर लूट लिया। यह घटना तब सामने आई जब महिला की आंखें खुलीं और उन्होंने खुद को ठगा हुआ पाया।
पुलिस के अनुसार, घटना उज्जैन के एक व्यस्त इलाके की है। मनोरमा जैन जब अपने घर के पास से गुजर रही थीं, तब अज्ञात बदमाशों ने उन्हें रोका। आरोपियों ने खुद को सिद्ध पुरुष बताते हुए दावा किया कि उनके परिवार पर भारी संकट मंडरा रहा है। ठगों ने विशेष रूप से उनके बेटों का जिक्र करते हुए कहा कि उन पर 'काल' का साया है और यदि तुरंत उपाय नहीं किया गया, तो अनहोनी हो सकती है। अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित बुजुर्ग महिला आसानी से उनके झांसे में आ गई।
जालसाजों ने महिला को विश्वास में लेने के लिए एक कथित धार्मिक अनुष्ठान या 'जाप' शुरू किया। उन्होंने मनोरमा से कहा कि वे अपने शरीर पर पहने हुए सोने के गहने उतारकर एक पोटली में रख दें ताकि उन्हें 'शुद्ध' किया जा सके। ठगों ने महिला को अपनी आंखें बंद कर जाप करने का निर्देश दिया। जब महिला पूरी श्रद्धा के साथ प्रार्थना में मग्न थीं, तभी आरोपी गहनों की असली पोटली लेकर फरार हो गए और उसकी जगह पत्थरों वाली एक नकली पोटली रख दी।
जब कुछ देर बाद महिला ने अपनी आंखें खोलीं, तो वहां कोई नहीं था। पोटली भारी महसूस हो रही थी, लेकिन जब उन्होंने उसे खोला तो उसमें गहनों के बजाय पत्थर निकले। ठगे गए गहनों की कीमत लाखों में बताई जा रही है। सदमे में आई महिला ने तुरंत अपने परिजनों को सूचित किया, जिसके बाद नीलगंगा थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
उज्जैन पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास के लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। प्राथमिक जांच में यह किसी पेशेवर गिरोह का काम लग रहा है जो बुजुर्गों को निशाना बनाने में माहिर है।
यह घटना ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए भी एक चेतावनी है। अक्सर विदेशों में रहने वाले प्रवासियों के बुजुर्ग माता-पिता भारत में अकेले रहते हैं और ऐसे अपराधी उनकी धार्मिक भावनाओं और बच्चों के प्रति चिंता का लाभ उठाते हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सड़क पर किसी भी अनजान व्यक्ति की बातों में न आएं, चाहे वह कितना भी 'चमत्कारी' होने का दावा क्यों न करे।
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