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बारामुला में प्रवासी भूमि धोखाधड़ी: कश्मीर आर्थिक अपराध शाखा ने पांच लोगों के खिलाफ दर्ज किया मामला

ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 02:35 am
बारामुला में प्रवासी भूमि धोखाधड़ी: कश्मीर आर्थिक अपराध शाखा ने पांच लोगों के खिलाफ दर्ज किया मामला

कश्मीर की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने बारामुला में कश्मीरी प्रवासियों की 14 कनाल से अधिक भूमि की अवैध बिक्री के मामले में पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर पुलिस की अपराध शाखा की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने बारामुला जिले में कश्मीरी प्रवासियों की भूमि के अवैध हस्तांतरण और धोखाधड़ी से जुड़ी एक बड़ी कार्रवाई की है। अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में पांच व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जिन्होंने कथित तौर पर जाली दस्तावेजों का उपयोग करके प्रवासियों की कीमती जमीन को हड़पने की कोशिश की थी। यह मामला बारामुला के सोपोर इलाके में स्थित लगभग 14 कनाल और 3 मरला भूमि से संबंधित है। ईओडब्ल्यू की जांच में यह सामने आया कि आरोपियों ने राजस्व अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके या दस्तावेजों में हेरफेर कर इस जमीन को अवैध रूप से बेचा या अपने नाम करवाया था। कश्मीरी प्रवासियों की अचल संपत्ति की सुरक्षा के लिए बनाए गए सख्त कानूनों के बावजूद, इस तरह की धोखाधड़ी का सामने आना प्रशासन के लिए एक चुनौती बना हुआ है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपियों ने 'जम्मू और कश्मीर अचल संपत्ति (संरक्षण, सुरक्षा और संकटग्रस्त बिक्री पर रोक) अधिनियम, 1997' का खुला उल्लंघन किया है। यह कानून विशेष रूप से उन प्रवासियों की संपत्तियों की रक्षा के लिए बनाया गया था, जिन्हें 1990 के दशक में घाटी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा था। ईओडब्ल्यू ने पुष्टि की है कि जाली राजस्व रिकॉर्ड तैयार किए गए थे ताकि वास्तविक मालिकों की अनुपस्थिति का फायदा उठाकर जमीन का सौदा किया जा सके। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले कश्मीरी समुदाय के लिए यह खबर विशेष महत्व रखती है। सिडनी, मेलबर्न और पर्थ जैसे शहरों में रहने वाले कई प्रवासी भारतीय (NRIs) और कश्मीरी पंडित अभी भी अपनी पुश्तैनी जमीनों और संपत्तियों के प्रबंधन को लेकर चिंतित रहते हैं। सिडनी स्थित एक सामुदायिक नेता ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब प्रवासी दूर देशों में बसे होते हैं, तो उनकी संपत्तियों पर कब्जा करना आसान हो जाता है। यह मामला दर्शाता है कि डिजिटल रिकॉर्ड और सतर्कता के बावजूद जमीन माफिया सक्रिय है। आर्थिक अपराध शाखा ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और इस बात की भी जांच की जा रही है कि क्या राजस्व विभाग के किसी कर्मचारी ने इस साजिश में मदद की थी। अधिकारियों ने प्रवासियों से अपील की है कि वे अपनी संपत्तियों के राजस्व रिकॉर्ड को नियमित रूप से ऑनलाइन जांचते रहें और किसी भी विसंगति की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज करें। यह मामला उन सैकड़ों परिवारों के लिए न्याय की उम्मीद जगाता है जो अपनी संपत्तियों को वापस पाने के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।
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