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मतदाता सूची में न छूटे कोई भी पात्र नाम: देहरादून डीएम ने किया विशेष पुनरीक्षण शिविरों का निरीक्षण

ICN24 Newsroom 7 अग॰ 2026, 03:37 am
मतदाता सूची में न छूटे कोई भी पात्र नाम: देहरादून डीएम ने किया विशेष पुनरीक्षण शिविरों का निरीक्षण

देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सहसपुर विधानसभा क्षेत्र में विशेष पुनरीक्षण शिविरों का जायजा लिया और अधिकारियों को मतदाता सूची को त्रुटिहीन बनाने के कड़े निर्देश दिए।

देहरादून के जिलाधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुपालन में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने हाल ही में सहसपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विभिन्न मतदान केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची में सुधार के लिए लगाए गए विशेष शिविरों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करना और यह सुनिश्चित करना था कि चुनावी प्रक्रिया की शुचिता बनी रहे। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में एक-एक वोट की कीमत होती है, इसलिए मतदाता सूची के पुनरीक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि कोई भी पात्र नागरिक, विशेषकर वे युवा जो पहली बार मतदाता बनने की अहर्ता रखते हैं, सूची में शामिल होने से न छूटें। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य एक पारदर्शी और त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार करना है। डॉ. चौहान ने शिविरों में तैनात बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से सीधे संवाद किया और उनसे प्राप्त होने वाले दावों और आपत्तियों की संख्या के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बीएलओ रजिस्टर की जांच की और दस्तावेजों के रखरखाव पर संतोष व्यक्त करने के साथ ही सुधार के सुझाव भी दिए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्राप्त होने वाले सभी आवेदनों का निस्तारण एक निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि निस्तारण की प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष और नियमों के अनुसार होनी चाहिए। इस अभियान के तहत विशेष रूप से उन मतदाताओं पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है जिन्होंने हाल ही में अपना निवास स्थान बदला है या जिनकी मृत्यु हो गई है, ताकि सूची को अपडेट रखा जा सके। जिलाधिकारी ने क्षेत्र के निवासियों से भी अपील की कि वे इन शिविरों का लाभ उठाएं और यदि उनके नाम में कोई त्रुटि है या नाम जुड़वाना है, तो आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करें। ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय के लिए भी इस प्रकार की प्रशासनिक सक्रियता महत्वपूर्ण है। उत्तराखंड मूल के प्रवासी भारतीय, जो अपने पैतृक क्षेत्रों में मतदान का अधिकार रखते हैं, अक्सर अपने परिजनों के माध्यम से चुनावी सूचियों को लेकर जागरूक रहते हैं। भारत में चुनाव प्रक्रिया का डिजिटल होना और स्थानीय प्रशासन की यह मुस्तैदी प्रवासियों के लिए भी अपनी जड़ों से जुड़े रहने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास बनाए रखने का एक माध्यम बनती है। आगामी चुनावों के मद्देनजर, देहरादून जिला प्रशासन की यह कवायद एक समावेशी मतदाता सूची सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
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