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रक्षा सचिव ने लेह में सैन्य तैयारियों और बुनियादी ढांचे का जायजा लिया

ICN24 Newsroom 9 जून 2026, 07:30 am
रक्षा सचिव ने लेह में सैन्य तैयारियों और बुनियादी ढांचे का जायजा लिया

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने लेह की अपनी तीन दिवसीय यात्रा के दौरान वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर परिचालन तैयारियों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की।

भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण लेह क्षेत्र का तीन दिवसीय दौरा कर वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारतीय सेना की परिचालन तैयारियों का जायजा लिया। 5 जून से 7 जून तक चली इस उच्च स्तरीय यात्रा के दौरान, उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में जारी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की। रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, इस दौरे का मुख्य उद्देश्य दुर्गम इलाकों में तैनात सैनिकों की क्षमताओं और रसद व्यवस्था को सुदृढ़ करना था। अपनी यात्रा के दौरान, सिंह ने 14 कॉर्प्स (जिसे 'फायर एंड फ्यूरी' कॉर्प्स के नाम से भी जाना जाता है) के मुख्यालय में वरिष्ठ सैन्य कमांडरों के साथ गहन चर्चा की। इस दौरान उन्हें पूर्वी लद्दाख सेक्टर की वर्तमान सुरक्षा स्थिति और उभरती चुनौतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। रक्षा सचिव ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में तैनात सैनिकों के अटूट साहस और व्यावसायिकता की सराहना की। रक्षा सचिव ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क संपर्क और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के निर्माण की गति पर विशेष ध्यान दिया। लेह-लद्दाख क्षेत्र में सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि सुदृढ़ बुनियादी ढांचा न केवल सेना की आवाजाही के लिए आवश्यक है, बल्कि यह स्थानीय समुदायों के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है। सरकार का लक्ष्य सीमावर्ती क्षेत्रों में 'अंतिम मील तक पहुंच' सुनिश्चित करना है ताकि किसी भी स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब भारत अपनी उत्तरी सीमाओं पर निरंतर निगरानी और मजबूती पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए भी यह समाचार विशेष महत्व रखता है, क्योंकि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा स्थिरता का सीधा प्रभाव क्षेत्रीय भू-राजनीति पर पड़ता है। प्रवासी भारतीय अक्सर अपनी मातृभूमि की सुरक्षा और रणनीतिक विकास को लेकर गहरी रुचि रखते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रक्षा सचिव का यह दौरा यह स्पष्ट संदेश देता है कि भारत अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और सीमा पर बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा। आगामी महीनों में लेह और लद्दाख के क्षेत्रों में और अधिक तकनीकी उन्नत प्रणालियों और निगरानी उपकरणों की तैनाती की योजना है।
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