राजनीति
चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे कांग्रेस विधायक, भाजपा पर लगाया धांधली का आरोप
ICN24 Newsroom 10 जून 2026, 01:00 pm

कांग्रेस विधायकों ने चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं ने भाजपा पर अनैतिक तरीकों से चुनाव जीतने की कोशिश करने का गंभीर आरोप लगाया है।
भारतीय राजनीति में गर्माहट के बीच, कांग्रेस पार्टी के विधायकों ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय के समक्ष विशाल धरना प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन हालिया चुनावी प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं और सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा सत्ता के दुरुपयोग के विरोध में आयोजित किया गया था। विधायकों ने आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मांग की है कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की जाए।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा की 'गंदी मानसिकता' अब जनता के सामने उजागर हो चुकी है। नटराजन ने तर्क दिया कि जब भाजपा के पास चुनाव जीतने के लिए पर्याप्त संख्या बल (वोट) नहीं था, तब उन्होंने जानबूझकर तीसरा उम्मीदवार मैदान में उतारा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम केवल चुनाव को बाधित करने और विपक्षी वोटों में सेंध लगाने के उद्देश्य से उठाया गया था।
नटराजन ने कानूनी प्रक्रियाओं का हवाला देते हुए कहा कि कॉलेज के प्रथम वर्ष के छात्र को भी यह पता होगा कि जिस आधार पर कार्रवाई की बात की जा रही है, वह संज्ञेय अपराध (Cognisable offence) की श्रेणी में नहीं आता। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा 'शाम-दाम-दंड-भेद' की नीति अपनाकर किसी भी तरह चुनाव जीतना चाहती है। उनके अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया चुनाव को 'सबोटाज' करने या बाधित करने की एक सोची-समझी साजिश है।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए भारत की ये राजनीतिक घटनाएं विशेष महत्व रखती हैं। प्रवासी भारतीय समुदाय अक्सर भारत में लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और निष्पक्षता को लेकर चिंतित रहता है। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में सक्रिय भारतीय प्रवासियों के बीच इस बात की चर्चा है कि क्या चुनावी प्रक्रियाएं अपनी पारदर्शिता बनाए रख पाएंगी। कांग्रेस का यह प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी यह संदेश देने की कोशिश है कि विपक्ष एकजुट होकर लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
धरने पर बैठे विधायकों ने स्पष्ट किया कि जब तक चुनाव आयोग उनकी शिकायतों पर ठोस कार्रवाई नहीं करता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने भाजपा पर 'डर्टी ट्रिक्स' खेलने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र में संख्या बल का सम्मान होना चाहिए, न कि पर्दे के पीछे से की जाने वाली साजिशों का। इस राजनीतिक गतिरोध के कारण प्रशासनिक हलकों में भी हड़कंप मचा हुआ है और आगामी दिनों में इस पर चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
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