राजनीति
स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे ने '370 रुपये की बिरयानी' विवाद पर फिर मांगी माफी, सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया
ICN24 Newsroom 13 जून 2026, 07:01 pm
स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे ने धारा 370 पर की गई अपनी विवादित टिप्पणी के बाद एक बार फिर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। इंटरनेट पर अब इस माफीनामे को लेकर बहस छिड़ गई है।
भारतीय स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार अपने किसी नए जोक के लिए नहीं, बल्कि पुरानी विवादित टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के कारण। मोरे ने '370 रुपये की बिरयानी' वाले अपने वायरल वीडियो पर उपजे विवाद और पुलिस एफआईआर (FIR) के बाद एक नया वीडियो जारी किया है। अपने ताजा बयान में उन्होंने स्वीकार किया है कि वह नफरत के पात्र हैं और उन्होंने जो किया वह गलत था।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब मोरे का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने जम्मू-कश्मीर से हटाई गई धारा 370 की तुलना बिरयानी की कीमत से की थी। इस टिप्पणी को कई लोगों ने असंवेदनशील और राष्ट्रीय भावनाओं को आहत करने वाला बताया। विवाद के बढ़ते ही उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हुई और एफआईआर दर्ज की गई। अब मोरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 'मुझे माफ कर दो' (I am sorry) शीर्षक के साथ एक वीडियो साझा किया है, जिसमें वे काफी गंभीर नजर आ रहे हैं।
अपने वीडियो में प्रणीत ने कहा, "मैं जानता हूं कि मैंने बहुत बड़ी गलती की है और मैं उस नफरत का हकदार हूं जो मुझे मिल रही है। मेरा इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था, लेकिन मैं समझता हूं कि मेरी टिप्पणियां गलत थीं।" उन्होंने आगे कहा कि वह कानून का सम्मान करते हैं और इस मामले में पूरी तरह सहयोग करेंगे। यह पहली बार नहीं है जब मोरे ने माफी मांगी है, लेकिन इस बार उनका लहजा काफी रक्षात्मक और आत्मग्लानि से भरा हुआ दिखा।
सोशल मीडिया पर मोरे की इस माफी के बाद यूजर्स की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। जहां कुछ लोग उन्हें दूसरा मौका देने की बात कर रहे हैं, वहीं एक बड़ा वर्ग अब भी उनसे नाराज है। एक यूजर ने तंज कसते हुए लिखा, "सब भूल जाएंगे, कुछ दिनों बाद फिर से वही होगा।" वहीं कुछ अन्य यूजर्स का मानना है कि कॉमेडियन्स को अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर किसी संवेदनशील मुद्दे का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए।
यह मामला केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि विदेशों में बसे भारतीय समुदाय, विशेषकर ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले एनआरआई (NRI) के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय मूल के लोग अक्सर भारत की आंतरिक राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों का मानना है कि कलाकारों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए, क्योंकि उनकी बातें वैश्विक स्तर पर देश की छवि को प्रभावित करती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल युग में 'कैंसिल कल्चर' और कानूनी सख्ती के कारण अब कंटेंट क्रिएटर्स को अपनी सीमाओं का अंदाजा हो रहा है। प्रणीत मोरे का यह मामला एक उदाहरण है कि कैसे एक छोटी सी टिप्पणी करियर के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। फिलहाल, मोरे ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स से विवादित हिस्सा हटा दिया है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है।
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