ब्रेकिंग न्यूज़ब्रेकिंग
छत्तीसगढ़ में मानसून का 'तांडव': कई जिलों के लिए भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी
ICN24 Newsroom 21 जुल॰ 2026, 06:35 pm

छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता बढ़ने से भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए कई जिलों में चेतावनी जारी की है।
छत्तीसगढ़ में मानसून 2026 अपनी पूरी रफ़्तार में नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य के ऊपर एक मजबूत मौसमी तंत्र सक्रिय हो गया है, जिसके प्रभाव से राजधानी रायपुर सहित बिलासपुर, बस्तर और दुर्ग संभाग के कई जिलों में मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और एक निम्न दबाव के क्षेत्र के निर्माण के कारण राज्य में मानसूनी गतिविधियां तेज हुई हैं।
अगले 48 से 72 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में 'झमाझम' बारिश होने का अनुमान है। विभाग ने कुछ विशिष्ट क्षेत्रों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जहाँ गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है, जिसके लिए स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
खेती-किसानी के नजरिए से यह बारिश काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। छत्तीसगढ़, जिसे 'धान का कटोरा' कहा जाता है, वहां खरीफ की फसलों के लिए यह समय अत्यंत संवेदनशील होता है। हालांकि, अत्यधिक बारिश से फसलों को नुकसान की चिंता भी जताई जा रही है। बस्तर और दंतेवाड़ा जैसे पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की संभावना को देखते हुए यात्रियों को एहतियात बरतने की सलाह दी गई है। नदी-नालों के जलस्तर में भी तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे छत्तीसगढ़ी समुदाय के लिए यह खबर विशेष महत्व रखती है। सिडनी, मेलबर्न और ब्रिस्बेन जैसे शहरों में बसे प्रवासी भारतीय, जिनके परिवार छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में खेती-किसानी से जुड़े हैं, अक्सर मानसूनी अपडेट्स पर पैनी नजर रखते हैं। ICN24 से बात करते हुए मेलबर्न में रहने वाले एक प्रवासी भारतीय ने बताया कि घर पर खेती के काम की प्रगति जानने के लिए वे मौसम की इन रिपोर्टों का सहारा लेते हैं।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और विशेष रूप से बिजली कड़कने के समय पेड़ों या खुले मैदानों में जाने से बचें। रायपुर नगर निगम ने भी जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए अतिरिक्त टीमों को तैनात किया है ताकि शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या से निपटा जा सके। मौसम विभाग का अनुमान है कि यह सिस्टम कम से कम एक सप्ताह तक सक्रिय रह सकता है, जिससे राज्य के औसत वर्षा कोटे में सुधार होने की उम्मीद है।
संबंधित ख़बरें
ब्रेकिंगब्रेकिंग
दिल्ली को मिली बारिश से राहत, लेकिन उत्तर भारत और असम में मानसून का कहर; केदारनाथ यात्रा बाधित
दिल्ली में बारिश से चिलचिलाती गर्मी से राहत मिली है, वहीं उत्तराखंड, हिमाचल और असम में मानसून भारी तबाही मचा रहा है। रुद्रप्रयाग में भूस्खलन के कारण केदारनाथ यात्रा रोक दी गई है।
21 जुल॰ 2026, 09:35 pm

ब्रेकिंगब्रेकिंग
गाजियाबाद में दोहरा हत्याकांड: बेरोजगारी और पारिवारिक विवाद में दो बेटों ने की माता-पिता की हत्या
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में बेरोजगारी और पारिवारिक कलह के चलते दो बेटों ने अपने ही माता-पिता की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।
21 जुल॰ 2026, 08:35 pm

ब्रेकिंगब्रेकिंग
कनाडा ने माता-पिता और दादा-दादी के लिए पीआर प्रोग्राम पर लगाई रोक, 2026 तक करना होगा इंतजार
कनाडा सरकार ने माता-पिता और दादा-दादी के प्रायोजन (PGP) कार्यक्रम को 2026 तक के लिए स्थगित कर दिया है, जिससे भारतीय प्रवासियों की योजनाओं को बड़ा झटका लगा है।
21 जुल॰ 2026, 07:35 pm

