ब्रेकिंग न्यूज़ब्रेकिंग
किशोरों के लिए चैटजीपीटी: एक सराहनीय कदम, लेकिन सुरक्षा और शिक्षा के मोर्चे पर अभी भी कई चुनौतियां
ICN24 Newsroom 20 अग॰ 2026, 12:37 pm
ओपनएआई ने किशोरों के लिए चैटजीपीटी के विशेष सुरक्षा फीचर्स पेश किए हैं, लेकिन विशेषज्ञ इसे बच्चों के मानसिक विकास के लिए पर्याप्त नहीं मान रहे हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में अग्रणी कंपनी ओपनएआई (OpenAI) ने हाल ही में किशोरों के लिए चैटजीपीटी के उपयोग को लेकर नए सुरक्षा मापदंड और फीचर्स पेश किए हैं। इसे तकनीक की दुनिया में एक बड़ा और सकारात्मक कदम माना जा रहा है, विशेष रूप से उन छात्रों के लिए जो पढ़ाई और रिसर्च के लिए एआई का सहारा लेते हैं। हालांकि, तकनीक और बाल सुरक्षा विशेषज्ञों का एक बड़ा वर्ग यह चेतावनी दे रहा है कि ये बदलाव अभी भी किशोरों की सुरक्षा और उनके संज्ञानात्मक विकास के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह मुद्दा और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। सिडनी, मेलबर्न और ब्रिस्बेन जैसे शहरों में रहने वाले भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई परिवार अपनी अगली पीढ़ी की शिक्षा और भविष्य को लेकर काफी गंभीर रहते हैं। ऑस्ट्रेलिया के स्कूलों में एआई के बढ़ते इस्तेमाल के बीच, अभिभावकों को इस बात की चिंता है कि क्या यह तकनीक उनके बच्चों के लिए सिर्फ एक 'ट्यूटर' की तरह काम करेगी या उनके मौलिक चिंतन (Critical Thinking) की क्षमता को कम कर देगी।
ओपनएआई के नए अपडेट के तहत, 13 से 17 वर्ष की आयु के किशोरों के लिए विशेष फिल्टर लगाए गए हैं जो अनुचित सामग्री, नफरत भरे भाषण और आत्म-नुकसान से जुड़ी सूचनाओं को रोकते हैं। इसके अलावा, एआई अब छात्रों को सीधे उत्तर देने के बजाय उन्हें समस्या सुलझाने की प्रक्रिया समझाने पर जोर देता है। लेकिन विशेषज्ञों का तर्क है कि एआई द्वारा दी जाने वाली जानकारी में अभी भी 'हैलुसिनेशन' (गलत जानकारी को सच की तरह पेश करना) की समस्या बनी हुई है। किशोरों के लिए यह पहचानना मुश्किल हो सकता है कि एआई द्वारा दिया गया उत्तर तथ्यात्मक रूप से सही है या नहीं।
डेटा गोपनीयता (Data Privacy) एक और बड़ा चिंता का विषय है। हालांकि ओपनएआई ने किशोरों के डेटा के उपयोग पर कुछ प्रतिबंध लगाए हैं, लेकिन यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि इस संवेदनशील आयु वर्ग की जानकारी का भविष्य में किस प्रकार उपयोग किया जाएगा। ऑस्ट्रेलिया के ई-सुरक्षा आयुक्त (eSafety Commissioner) ने भी पहले भी टेक कंपनियों को चेतावनी दी है कि बच्चों की सुरक्षा केवल 'वैकल्पिक' नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह सॉफ्टवेयर के डिजाइन का हिस्सा होनी चाहिए।
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई माता-पिता के लिए यह जरूरी है कि वे तकनीक के साथ-साथ 'डिजिटल साक्षरता' पर भी ध्यान दें। केवल सुरक्षा फीचर्स पर भरोसा करने के बजाय, बच्चों के साथ तकनीक के सही उपयोग पर चर्चा करना अनिवार्य है। विशेषज्ञों का मानना है कि चैटजीपीटी जैसे उपकरण होमवर्क में मदद तो कर सकते हैं, लेकिन वे मानवीय मार्गदर्शन और व्यक्तिगत शिक्षण का विकल्प नहीं हो सकते। अंततः, किशोरों के लिए एआई एक शक्तिशाली उपकरण तो है, लेकिन बिना कड़ी निगरानी और सख्त नियामक ढांचे के, यह एक जोखिम भरा रास्ता भी हो सकता है।
संबंधित ख़बरें
ब्रेकिंगब्रेकिंग
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर: प्रयागराज और नारायणबगड़ में स्कूलों की छुट्टी घोषित
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। प्रयागराज और उत्तराखंड के नारायणबगड़ में स्कूलों को बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं।
20 अग॰ 2026, 01:37 pm

ब्रेकिंगब्रेकिंग
यूटा: पिता पर मासूम बच्ची की हत्या का आरोप, बेसमेंट में नशीली दवाओं के साथ अकेला छोड़ने का मामला
अमेरिका के यूटा में एक पिता पर अपनी 7 महीने की बेटी की हत्या का आरोप लगा है। पुलिस के अनुसार, बच्ची को बेसमेंट में नशीले पदार्थों के साथ अकेला छोड़ दिया गया था।
20 अग॰ 2026, 11:37 am
ब्रेकिंगब्रेकिंग
मिलिनॉकेट का संघर्ष और पुनरुद्धार: पेपर मिल बंद होने के बाद पर्यटन और नए उद्योगों के सहारे बदली तस्वीर
ग्रेट नॉर्दर्न पेपर कंपनी के बंद होने के बाद मिलिनॉकेट शहर अपनी खोई पहचान वापस पाने के लिए पर्यटन और छोटे व्यवसायों का सहारा ले रहा है।
20 अग॰ 2026, 10:37 am
