राजनीति
कनाडा वीजा अपडेट: भारतीय छात्रों के लिए राहत, लेकिन विजिटर वीजा की प्रतीक्षा अवधि बढ़ी
ICN24 Newsroom 2 अग॰ 2026, 12:36 pm

कनाडा ने भारतीय आवेदकों के लिए नए वीजा प्रोसेसिंग अनुमान जारी किए हैं। स्टडी और वर्क परमिट के समय स्थिर हैं, जबकि विजिटर और सुपर वीजा में देरी देखी जा रही है।
कनाडा के आव्रजन, शरणार्थी और नागरिकता विभाग (IRCC) ने हाल ही में भारतीय नागरिकों के लिए वीजा प्रोसेसिंग के अनुमानित समय में बदलाव किए हैं। नए आंकड़ों के अनुसार, जहां एक ओर भारतीय छात्रों और कामगारों के लिए वीजा प्रक्रिया की गति स्थिर बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर विजिटर वीजा और 'सुपर वीजा' की प्रतीक्षा अवधि में मामूली वृद्धि दर्ज की गई है। यह घटनाक्रम उन हजारों भारतीय परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है जिनके रिश्तेदार कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में बसे हुए हैं।
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारत से आवेदन करने वाले छात्रों के लिए स्टडी परमिट की प्रोसेसिंग समयसीमा में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। यह उन हजारों भारतीय छात्रों के लिए एक सकारात्मक संकेत है जो आगामी शैक्षणिक सत्रों के लिए कनाडा जाने की योजना बना रहे हैं। इसी तरह, वर्क परमिट की प्रतीक्षा अवधि भी पिछले अनुमानों के अनुरूप बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि कनाडा सरकार अपनी श्रम बाजार की जरूरतों और शिक्षा क्षेत्र के राजस्व को देखते हुए इन श्रेणियों को प्राथमिकता दे रही है।
हालांकि, पर्यटकों और अपने परिजनों से मिलने जाने वाले भारतीयों के लिए खबर थोड़ी चिंताजनक है। विजिटर वीजा (टूरिस्ट वीजा) और माता-पिता व दादा-दादी के लिए विशेष 'सुपर वीजा' की प्रोसेसिंग में अब पहले की तुलना में अधिक समय लग रहा है। इस देरी के पीछे आवेदनों की बढ़ती संख्या और गहन सुरक्षा जांच को मुख्य कारण माना जा रहा है। आईसीसी (IRCC) ने स्पष्ट किया है कि ये केवल अनुमानित समय हैं और व्यक्तिगत मामलों के आधार पर इनमें बदलाव संभव है।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए भी यह खबर प्रासंगिक है। अक्सर देखा जाता है कि भारतीय मूल के ऑस्ट्रेलियाई नागरिक अपने उन रिश्तेदारों के साथ पुनर्मिलन की योजना बनाते हैं जो कनाडा में बसे हुए हैं। वीजा नियमों में इस तरह के बदलाव वैश्विक स्तर पर भारतीय प्रवासियों की आवाजाही को प्रभावित करते हैं। उदाहरण के तौर पर, यदि भारत में रहने वाले माता-पिता को कनाडा का सुपर वीजा मिलने में देरी होती है, तो वे ऑस्ट्रेलिया में अपने दूसरे बच्चों के पास जाने को प्राथमिकता दे सकते हैं, जिससे परिवारों की यात्रा योजनाओं में बड़े बदलाव आते हैं।
कनाडा और भारत के बीच हालिया राजनयिक तनाव के बावजूद, आव्रजन प्रक्रियाओं का सुचारू रूप से चलना दोनों देशों के बीच मजबूत आर्थिक और सामाजिक संबंधों को दर्शाता है। भारतीय आवेदक वर्तमान में कनाडा के आव्रजन पूल का सबसे बड़ा हिस्सा हैं। विश्लेषकों का सुझाव है कि जो लोग आने वाले महीनों में कनाडा की यात्रा करना चाहते हैं, उन्हें अपनी फाइलें काफी पहले जमा कर देनी चाहिए ताकि बढ़ती प्रतीक्षा अवधि से बचा जा सके।
निष्कर्ष के तौर पर, जबकि छात्रों और पेशेवरों के लिए राह आसान बनी हुई है, सामान्य यात्रियों और परिवारों को अब अधिक धैर्य रखने की आवश्यकता होगी। आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वे केवल आधिकारिक सरकारी पोर्टल्स पर ही भरोसा करें और किसी भी अनाधिकृत एजेंट के झांसे में न आएं। प्रोसेसिंग समय में यह उतार-चढ़ाव अंतरराष्ट्रीय यात्रा और आव्रजन नीतियों के बदलते स्वरूप का हिस्सा है, जिसे ध्यान में रखकर ही भविष्य की योजनाएं बनानी चाहिए।
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