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बॉम्बे डाइंग के तिमाही नतीजे: राजस्व में 9% की वृद्धि, परिचालन घाटे में भारी कमी दर्ज
ICN24 Newsroom 11 अग॰ 2026, 04:38 am

बॉम्बे डाइंग का चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में राजस्व 9% बढ़कर ₹411 करोड़ रहा, जबकि कंपनी का परिचालन घाटा काफी हद तक कम हो गया है।
भारत के सबसे पुराने व्यापारिक समूहों में से एक, वाडिया समूह की प्रमुख कंपनी बॉम्बे डाइंग एंड मैन्युफैक्चरिंग कंपनी लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष (2024-25) की पहली तिमाही (Q1) के वित्तीय परिणाम घोषित कर दिए हैं। कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, राजस्व में पिछले वर्ष की तुलना में 9 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। कुल राजस्व ₹411 करोड़ तक पहुंच गया है, जो कंपनी के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
हालांकि, नेट प्रॉफिट यानी शुद्ध लाभ के मोर्चे पर कंपनी को चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस तिमाही में कंपनी का मुनाफा पिछले साल की समान अवधि की तुलना में लगभग आधा रह गया है। इसके बावजूद, परिचालन स्तर पर कंपनी ने उल्लेखनीय सुधार किया है। ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की कमाई (EBITDA) के स्तर पर होने वाला घाटा पिछले वर्ष के ₹14 करोड़ से घटकर मात्र ₹0.58 करोड़ रह गया है। परिचालन घाटे में यह भारी कमी कंपनी की दक्षता और लागत प्रबंधन में सुधार को दर्शाती है।
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए बॉम्बे डाइंग केवल एक ब्रांड नहीं, बल्कि एक याद है। ऑस्ट्रेलिया में बसे प्रवासियों के लिए, यह नाम भारत के कपड़ा उद्योग के स्वर्ण युग का प्रतीक रहा है। दशकों तक 'होम और टेक्सटाइल' क्षेत्र में दबदबा बनाए रखने वाली इस कंपनी ने अब अपनी रणनीति बदली है। कंपनी का ध्यान अब टेक्सटाइल से हटकर रियल एस्टेट और पॉलिएस्टर व्यापार पर अधिक केंद्रित हो गया है। मुंबई में कंपनी की बेशकीमती जमीनों का विकास और विमुद्रीकरण (monetization) इसकी विकास रणनीति का मुख्य हिस्सा बन गया है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि परिचालन घाटे का कम होना बॉम्बे डाइंग के लिए भविष्य में मुनाफे की राह खोल सकता है। वित्तीय विश्लेषकों के अनुसार, राजस्व में वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि कंपनी के पॉलिएस्टर और रियल एस्टेट वर्टिकल मांग पैदा करने में सफल रहे हैं। हालांकि, उच्च वित्त लागत और कर समायोजन के कारण शुद्ध लाभ में गिरावट आई है, जो कॉर्पोरेट पुनर्गठन के दौरान अक्सर देखी जाती है।
वाडिया समूह की इस कंपनी की वित्तीय सेहत पर निवेशकों की गहरी नजर है, विशेषकर उन एनआरआई (NRI) निवेशकों की जो भारतीय शेयर बाजार में सक्रिय हैं। कंपनी का लक्ष्य आने वाली तिमाहियों में अपने ऋण को और कम करना और रियल एस्टेट परियोजनाओं से नकदी प्रवाह को सुव्यवस्थित करना है। वर्तमान में, बॉम्बे डाइंग अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए संपत्ति की बिक्री और परिचालन सुधारों के मिश्रण पर काम कर रही है, जो इसे लंबी अवधि में स्थिरता प्रदान कर सकता है।
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