राजनीति
बिहार: जमुई की राखी से राहुल बनने की दास्तां; जानें जेंडर ट्रांजिशन की प्रक्रिया, खर्च और कानूनी अधिकार
ICN24 Newsroom 6 जून 2026, 11:30 am
बिहार के जमुई में राखी कुमारी ने जेंडर बदलकर राहुल बनकर अपनी चचेरी बहन से शादी की। जानें इस पूरी मेडिकल प्रक्रिया और इसके कानूनी पहलुओं के बारे में।
बिहार के जमुई जिले में एक अनोखी प्रेम कहानी और चिकित्सा विज्ञान के तालमेल का मामला सामने आया है। कभी राखी कुमारी के रूप में पहचानी जाने वाली युवती अब राहुल कुमार बन चुकी है। राहुल ने न केवल अपना जेंडर बदला, बल्कि 31 मई को अपनी बचपन की मित्र और बीपीएससी (BPSC) शिक्षिका नयनश्री से हिंदू रीति-रिवाजों के साथ विवाह भी कर लिया। यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसने जेंडर रीअसाइनमेंट सर्जरी (GRS) और इससे जुड़ी चुनौतियों पर एक नई बहस छेड़ दी है।
राहुल के पिता नारायण दास बताते हैं कि राखी को बचपन से ही लड़कों की तरह कपड़े पहनना और रहना पसंद था। जैसे-जैसे वह बड़ी हुई, उसके व्यवहार और आवाज में बदलाव आने लगा। मेडिकल भाषा में इसे 'जेंडर डिस्फोरिया' कहा जाता है, जहां व्यक्ति की शारीरिक पहचान उसकी मानसिक पहचान से मेल नहीं खाती। अपनी पहचान को लेकर चल रहे द्वंद्व को समाप्त करने के लिए राहुल ने दिल्ली स्थित एम्स (AIIMS) में इलाज शुरू कराया। 2025 की शुरुआत में काउंसलिंग और हार्मोन थेरेपी की प्रक्रिया शुरू हुई, जिसके बाद नवंबर 2025 में उसकी सफल सर्जरी की गई।
विशेषज्ञों के अनुसार, जेंडर चेंज कोई रातों-रात होने वाली प्रक्रिया नहीं है। स्थानीय डॉक्टर सूर्यनंदन ने बताया कि इसकी शुरुआत मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग से होती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि व्यक्ति मानसिक रूप से इस बड़े बदलाव के लिए तैयार है। इसके बाद हार्मोन थेरेपी दी जाती है। महिला से पुरुष (Transman) बनने की प्रक्रिया में टेस्टोस्टेरोन दिया जाता है, जिससे आवाज भारी होती है और चेहरे पर बाल आने लगते हैं। यह पूरी प्रक्रिया 2 से 3 साल तक चल सकती है।
आर्थिक पक्ष की बात करें तो यह प्रक्रिया काफी खर्चीली है। विशेषज्ञों के अनुसार, पूरी तरह से शारीरिक बदलाव के लिए 33 चरणों तक की सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है, जिसका खर्च 10 से 15 लाख रुपये तक जा सकता है। हालांकि, कई लोग केवल मुख्य अंगों की सर्जरी करवाते हैं, जिसमें 2 से 3 लाख रुपये का खर्च आता है। भारत में कानूनन 18 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति अपनी इच्छा से और मेडिकल क्लीयरेंस के बाद यह सर्जरी करा सकता है।
अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या जेंडर बदलने के बाद व्यक्ति जैविक पिता या मां बन सकता है? चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, सर्जरी के माध्यम से शारीरिक संरचना बदली जा सकती है, लेकिन प्रजनन की जैविक क्षमता (Spurms या Eggs का निर्माण) कुदरती होती है। राहुल के मामले में भी वह शारीरिक संबंध तो बना सकते हैं, लेकिन जैविक रूप से पिता नहीं बन पाएंगे। ऐसे जोड़ों के लिए आईवीएफ (IVF) या सरोगेसी एक विकल्प हो सकता है। यह मामला न केवल व्यक्तिगत स्वतंत्रता का प्रतीक है, बल्कि चिकित्सा विज्ञान की प्रगति को भी दर्शाता है।
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