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क्लोन वॉर्स नहीं, 'ड्रॉइड्स' और 'इवॉक्स' से हुई थी स्टार वॉर्स के टीवी सफर की शुरुआत
ICN24 Newsroom 16 जून 2026, 09:46 pm
स्टार वॉर्स फ्रैंचाइज़ी का टेलीविजन इतिहास 1985 के एनिमेटेड शो 'ड्रॉइड्स' और 'इवॉक्स' से शुरू हुआ था, जो आधुनिक स्ट्रीमिंग युग से दशकों पहले का है।
जब हम आज डिज्नी प्लस पर 'द मैंडलोरियन' या 'अहसोका' जैसे भव्य शो देखते हैं, तो अक्सर यह मान लिया जाता है कि स्टार वॉर्स का टेलीविजन पर विस्तार हाल के वर्षों की घटना है। हालांकि, इस गैलेक्सी का छोटा पर्दा (Small Screen) के साथ रिश्ता 1980 के दशक के मध्य में ही शुरू हो गया था। 'स्टार वॉर्स: ड्रॉइड्स' और 'स्टार वॉर्स: इवॉक्स' वे दो महत्वपूर्ण एनिमेटेड श्रृंखलाएं थीं, जिन्होंने 1985 में पहली बार इस फ्रैंचाइज़ी को साप्ताहिक टेलीविजन प्रारूप में पेश किया था।
जॉर्ज लुकास की मूल ट्रिलॉजी की अपार सफलता के बाद, लुकासफिल्म ने कहानी के विस्तार के लिए टेलीविजन को एक माध्यम के रूप में चुना। 'एबीसी' (ABC) नेटवर्क पर प्रसारित इन शोज का उद्देश्य बच्चों और परिवारों को स्टार वॉर्स की दुनिया से जोड़े रखना था। 'ड्रॉइड्स' में प्रशंसकों के पसंदीदा रोबोट C-3PO और R2-D2 के साहसिक कारनामों को दिखाया गया था, जबकि 'इवॉक्स' की कहानी चंद्रमा एंडोर के जंगलों में रहने वाले छोटे और प्यारे जीवों पर केंद्रित थी।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए, जो सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में पॉप-कल्चर मेलों और कॉमिक-कॉन का हिस्सा बनते हैं, यह इतिहास दिलचस्प है। अक्सर 'क्लोन वॉर्स' को टीवी पर स्टार वॉर्स की पहली बड़ी जीत माना जाता है, लेकिन 85 के ये एनिमेटेड शो ही वे नींव के पत्थर थे जिन्होंने फ्रैंचाइज़ी को सिनेमाघरों से बाहर निकाला। भारत में भी 90 के दशक के उत्तरार्ध में जब केबल टीवी का विस्तार हुआ, तो इन पुराने शोज के कुछ अंशों ने भारतीय दर्शकों को हॉलीवुड के इस महाकाव्य से परिचित कराया था।
तकनीकी दृष्टिकोण से, 'ड्रॉइड्स' और 'इवॉक्स' अपने समय के लिहाज से काफी प्रगतिशील थे। इनमें कनाडाई एनीमेशन स्टूडियो 'नेलवाना' का उपयोग किया गया था। यद्यपि ये शो केवल एक-दो सीज़न ही चले, लेकिन इन्होंने साबित कर दिया कि स्टार वॉर्स की दुनिया इतनी विशाल है कि इसे फिल्मों के बाहर भी छोटे स्वरूपों में सफलतापूर्वक ढाला जा सकता है।
आज जब ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के प्रशंसक 'स्टार वॉर्स सेलिब्रेशन' जैसे कार्यक्रमों में शामिल होते हैं, तो इन पुराने शोज का महत्व और भी बढ़ जाता है। ये श्रृंखलाएं हमें याद दिलाती हैं कि डिजिटल युग और अत्याधुनिक वीएफएक्स (VFX) से बहुत पहले, हाथ से बने एनीमेशन ने एक पीढ़ी को अंतरिक्ष की इस काल्पनिक यात्रा पर ले जाने का काम किया था।
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