ब्रेकिंग न्यूज़ब्रेकिंग
प्रतापगढ़ में भारी बारिश का कहर: 100 साल पुराना मकान गिरने से एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत
ICN24 Newsroom 6 अग॰ 2026, 02:37 pm
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में एक सदी पुराने मकान के ढहने से दो बच्चों सहित एक ही परिवार के छह सदस्यों की जान चली गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से एक अत्यंत दुखद समाचार सामने आया है, जहाँ भारी मानसून की बारिश के बीच एक पुराना घर ढहने से एक ही परिवार के छह सदस्यों की मलबे में दबकर मौत हो गई। यह हृदयविदारक घटना रविवार देर रात की बताई जा रही है, जब परिवार के सदस्य अपने घर में सो रहे थे। जानकारी के अनुसार, प्रतापगढ़ के अंतू थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में यह 100 साल पुराना मकान अचानक भरभरा कर गिर गया।
मलबे की चपेट में आने वालों में परिवार के बुजुर्ग मुखिया, उनकी पत्नी, बेटा, बहू और दो मासूम बच्चे शामिल हैं। स्थानीय निवासियों और पुलिस की मदद से घंटों चले बचाव अभियान के बाद शवों को बाहर निकाला गया। इस हादसे में परिवार का केवल एक सदस्य जीवित बचा है, जिसकी स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है और उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि घर की दीवारें काफी समय से जर्जर थीं और हाल की लगातार बारिश ने नींव को कमजोर कर दिया था।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने जिला प्रशासन को पीड़ितों के परिवार को हर संभव सहायता प्रदान करने और घायल व्यक्ति का समुचित इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की भी घोषणा की है। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित क्षेत्र में अन्य जर्जर इमारतों को खाली करने की चेतावनी जारी की है।
यह घटना मानसून के दौरान ग्रामीण भारत में बुनियादी ढांचे की जर्जर स्थिति पर फिर से सवालिया निशान खड़े करती है। उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में मानसून के दौरान पुरानी हवेलियों और कच्चे मकानों का गिरना एक बड़ी समस्या रही है। अक्सर उचित मरम्मत के अभाव में ये इमारतें भारी बारिश का दबाव नहीं झेल पातीं।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय, विशेषकर वे जो उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं, के लिए यह खबर चिंताजनक है। कई प्रवासी भारतीयों के पैतृक घर अभी भी उनके पैतृक गांवों में स्थित हैं, जिनकी देखभाल अक्सर दूर से ही की जाती है। इस तरह की घटनाएं सुरक्षित आवास और पुराने निर्माणों के नियमित ऑडिट की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून से पहले पुरानी संरचनाओं की मजबूती की जांच करना और जर्जर हिस्सों की मरम्मत करना ऐसे जानलेवा हादसों को रोकने के लिए अनिवार्य है।
संबंधित ख़बरें

ब्रेकिंगब्रेकिंग
पंजाब में हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद: ISI की बड़ी साजिश नाकाम, तरनतारन से तस्कर गिरफ्तार
पंजाब पुलिस और BSF ने तरनतारन में एक बड़े ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजे गए अत्याधुनिक हथियारों का जखीरा बरामद किया है।
6 अग॰ 2026, 01:38 pm

ब्रेकिंगब्रेकिंग
इन्फॉर ने युका कानेमित्सु को जापान का अध्यक्ष नियुक्त किया, एआई और क्लाउड आधारित विकास पर रहेगा जोर
इन्फॉर ने युका कानेमित्सु को इन्फॉर जापान का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है, जो देश में एआई-संचालित बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन और क्लाउड विकास का नेतृत्व करेंगी।
6 अग॰ 2026, 01:37 pm

ब्रेकिंगब्रेकिंग
CrowdStrike और AWS ने शुरू की $1,00,000 की AI सुरक्षा चुनौती; भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई आईटी विशेषज्ञों के लिए बड़ा अवसर
साइबर सुरक्षा दिग्गज CrowdStrike और AWS ने $1,00,000 के पुरस्कारों के साथ एक वर्चुअल रेड-टीम प्रतियोगिता शुरू की है, जिसका उद्देश्य AI सुरक्षा को मजबूत करना है।
6 अग॰ 2026, 12:37 pm

