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बेलफ़ास्ट में नस्लवाद के खिलाफ उमड़ा जनसैलाब: हिंसा और नफरत के विरोध में हजारों लोगों ने किया प्रदर्शन
ICN24 Newsroom 15 जून 2026, 07:01 am

उत्तरी आयरलैंड की राजधानी बेलफ़ास्ट में हजारों लोगों ने सड़कों पर उतरकर हालिया प्रवासन विरोधी हिंसा की कड़ी निंदा की और समावेशी समाज का समर्थन किया।
उत्तरी आयरलैंड की राजधानी बेलफ़ास्ट में शनिवार को एक विशाल जनसमूह ने नस्लवाद और नफरत के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। शहर के सिटी हॉल के बाहर लगभग 3,000 से अधिक लोग एकत्रित हुए, जिन्होंने पिछले सप्ताह हुई प्रवासन विरोधी हिंसा और दंगों की कड़ी निंदा की। यह रैली उन हिंसक घटनाओं के जवाब में आयोजित की गई थी, जिनमें दंगाइयों ने विदेशी मूल के लोगों और उनके व्यवसायों को निशाना बनाया था।
प्रदर्शनकारियों ने 'रिफ्यूजी वेलकम' और 'नस्लवाद को ना कहें' जैसे नारे लिखी तख्तियां थामी हुई थीं। इस रैली का मुख्य उद्देश्य यह संदेश देना था कि बेलफ़ास्ट एक बहुसांस्कृतिक और समावेशी शहर है, जहाँ हिंसा और नफरत के लिए कोई जगह नहीं है। वक्ताओं ने एकता की अपील करते हुए कहा कि मुट्ठी भर उपद्रवियों को शहर की छवि खराब करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
हालिया तनाव की शुरुआत एक कथित चाकूबाजी की घटना के बाद हुई थी, जिसे गलत तरीके से सोशल मीडिया पर प्रवासन से जोड़कर प्रचारित किया गया। इसके बाद दक्षिणपंथी समूहों ने हिंसक प्रदर्शन किए, जिसमें कई दुकानों में तोड़फोड़ की गई और पुलिसकर्मियों पर हमले हुए। हालांकि, शनिवार की रैली ने यह स्पष्ट कर दिया कि नागरिक समाज का एक बड़ा हिस्सा शांति और भाईचारे के पक्ष में खड़ा है।
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए यह घटनाक्रम विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। ऑस्ट्रेलिया में भी प्रवासी समुदायों की सुरक्षा और सामाजिक सामंजस्य अक्सर चर्चा का विषय रहते हैं। बेलफ़ास्ट जैसी घटनाएं यह याद दिलाती हैं कि गलत सूचनाएं (Misinformation) किस तरह समाज में विभाजन पैदा कर सकती हैं। प्रवासी भारतीयों के लिए यह जरूरी है कि वे ऐसे समय में संगठित रहें और स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा दें।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की रैलियां समाज में सुरक्षा की भावना पैदा करती हैं। बेलफ़ास्ट की रैली में ट्रेड यूनियनों, नागरिक अधिकार समूहों और विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने सरकार से मांग की है कि अल्पसंख्यकों और प्रवासियों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए जाएं और नफरत फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
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