राजनीति
बालोद में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा की भव्य तैयारियां; सुरक्षा और महाप्रसाद को लेकर बनी विशेष रणनीति
ICN24 Newsroom 8 जुल॰ 2026, 02:31 pm

बालोद नगर पालिका परिषद में सार्वजनिक रथ यात्रा समिति की अहम बैठक हुई, जिसमें रथयात्रा को भव्य और सुरक्षित बनाने के लिए विस्तृत चर्चा की गई।
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी की वार्षिक रथयात्रा को भव्य और श्रद्धापूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। हाल ही में नगर पालिका परिषद बालोद के कार्यालय में सार्वजनिक रथ यात्रा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष और रथ यात्रा समिति की प्रमुख प्रतिभा चौधरी ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी रथयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, व्यवस्था और महाप्रसाद के वितरण की पूरी रूपरेखा तैयार करना था।
बैठक के दौरान प्रतिभा चौधरी ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह हमारे सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस वर्ष आयोजन को पिछले वर्षों की तुलना में अधिक भव्य और सुव्यवस्थित बनाया जाएगा। रथयात्रा के मार्ग पर विशेष सफाई अभियान चलाने, प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त करने और पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष मंथन किया गया है।
समिति ने तय किया है कि रथयात्रा के दौरान 'महाप्रसाद' का वितरण व्यापक स्तर पर किया जाएगा। इसके लिए अलग-अलग टोलियां बनाई गई हैं जो स्वच्छता और शुद्धता का विशेष ध्यान रखेंगी। स्थानीय पुलिस प्रशासन के सहयोग से भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं के लिए भी पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। बैठक में शहर के गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और समिति के सदस्यों ने अपने सुझाव साझा किए, ताकि उत्सव के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में रथयात्रा का विशेष महत्व है और बालोद जैसे शहरों में यह आयोजन सामुदायिक एकता की एक मिसाल पेश करता है। वैश्विक स्तर पर भी, विशेषकर ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए, ऐसी खबरें अपनी जड़ों से जुड़ाव का माध्यम बनती हैं। सिडनी, मेलबर्न और पर्थ जैसे ऑस्ट्रेलियाई शहरों में भी प्रवासी भारतीय इसी श्रद्धा के साथ रथयात्रा का आयोजन करते हैं, जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सात समंदर पार भी जीवित रखता है। बालोद में होने वाली यह बैठक इसी अटूट विश्वास और भक्ति का प्रमाण है।
अंत में, समिति ने सभी नगरवासियों से इस पावन पर्व में उत्साहपूर्वक भाग लेने और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। भगवान जगन्नाथ की यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह समाज के हर वर्ग को साथ लाने का एक सशक्त मंच भी है।
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