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अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामला: योगी सरकार ने गठित की SIT, वित्तीय गड़बड़ियों की होगी उच्चस्तरीय जांच

ICN24 Newsroom 14 जून 2026, 02:01 pm
अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामला: योगी सरकार ने गठित की SIT, वित्तीय गड़बड़ियों की होगी उच्चस्तरीय जांच

अयोध्या के भव्य राम मंदिर में दान और वित्तीय प्रबंधन में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है।

अयोध्या में नवनिर्मित भव्य राम मंदिर के वित्तीय प्रबंधन और दान में कथित अनियमितताओं को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एक उच्चस्तरीय तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। यह टीम मंदिर ट्रस्ट और दान प्रक्रिया से जुड़ी हर छोटी-बड़ी गड़बड़ी की तह तक जाएगी और दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। इस विशेष जांच दल में शासन के अनुभवी अधिकारियों को शामिल किया गया है। टीम का नेतृत्व आईएएस अधिकारी विजय विश्वास पंत कर रहे हैं, जबकि आईपीएस किरण एस और विशेष सचिव नील रतन को सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है। सरकार का उद्देश्य दान में दी गई राशि की पवित्रता को बनाए रखना और यह सुनिश्चित करना है कि भक्तों द्वारा श्रद्धापूर्वक अर्पित किया गया पैसा सही जगह उपयोग हो। राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से ही दुनिया भर के करोड़ों हिंदुओं ने मंदिर के लिए उदारतापूर्वक दान दिया है। हालांकि, हाल के दिनों में कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें दान की राशि में हेराफेरी और वित्तीय कुप्रबंधन के आरोप लगे थे। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह बड़ा कदम उठाया है। एसआईटी न केवल चंदा चोरी के आरोपों की जांच करेगी, बल्कि मंदिर से संबंधित सभी बैंक खातों और लेनदेन के विवरणों का भी ऑडिट करेगी। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए यह खबर विशेष महत्व रखती है। सिडनी, मेलबर्न और पर्थ जैसे शहरों में रहने वाले प्रवासी भारतीयों ने राम मंदिर निर्माण के लिए भारी मात्रा में आर्थिक योगदान दिया है। ऑस्ट्रेलिया के विभिन्न हिंदू संगठनों और व्यक्तिगत दानदाताओं ने मंदिर ट्रस्ट के प्रति अपनी गहरी आस्था व्यक्त की थी। ऐसे में वित्तीय गड़बड़ी की खबरें प्रवासियों के बीच चिंता का विषय बनी हुई थीं। एसआईटी का गठन इस बात का संकेत है कि भारत सरकार विदेशी और घरेलू भक्तों के भरोसे को टूटने नहीं देगी। जांच टीम को अपनी रिपोर्ट जल्द से जल्द सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी उन संदिग्ध कड़ियों को भी खंगालेगी जिनके जरिए धन के दुरुपयोग की आशंका जताई गई है। अयोध्या प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों से भी इस संबंध में पूछताछ की जा सकती है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक मजबूत और पारदर्शी दान तंत्र स्थापित करना है।
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