राजनीति
अयोध्या: स्कूलों में यूट्यूबर्स और इन्फ्लुएंसर्स की 'नो एंट्री', बीएसए ने जारी किया सख्त आदेश
ICN24 Newsroom 20 अग॰ 2026, 04:37 pm

अयोध्या के बेसिक शिक्षा अधिकारी ने स्कूलों में यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के बिना अनुमति प्रवेश और वीडियो बनाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण और कड़ा कदम उठाते हुए सरकारी स्कूलों में यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) लाल चन्द्र द्वारा जारी इस आदेश के अनुसार, अब कोई भी व्यक्ति बिना पूर्व अनुमति के परिषदीय स्कूलों के परिसर में जाकर फोटो या वीडियो नहीं बना सकेगा। यह निर्णय स्कूलों में पठन-पाठन के माहौल को सुरक्षित रखने और अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
हाल के दिनों में यह देखा गया है कि कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और यूट्यूबर्स 'खोजी पत्रकारिता' के नाम पर बिना किसी आधिकारिक अनुमति के स्कूलों में घुस जाते थे। ये लोग न केवल शिक्षकों के काम में बाधा डालते थे, बल्कि कई बार बच्चों और शिक्षकों की निजता (privacy) का भी उल्लंघन करते थे। बीएसए लाल चन्द्र ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी को स्कूल के संबंध में कोई जानकारी चाहिए या वीडियो बनाना है, तो उसे पहले शिक्षा विभाग के सक्षम अधिकारियों से लिखित अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति के पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
इस आदेश का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को उनके मूल कर्तव्य यानी शिक्षण कार्य पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करना है। विभाग का मानना है कि कई बार ये बाहरी लोग सनसनी फैलाने के उद्देश्य से छोटे-मोटे मुद्दों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं, जिससे न केवल स्कूल की छवि धूमिल होती है, बल्कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ता है। आदेश में यह भी कहा गया है कि स्कूल के प्रधानाध्यापकों की यह जिम्मेदारी होगी कि वे सुनिश्चित करें कि कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति स्कूल परिसर में प्रवेश न करे।
यह कदम केवल उत्तर प्रदेश तक ही सीमित नहीं है, बल्कि भारत के विभिन्न राज्यों में इस तरह की मांग उठती रही है। ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय के लिए भी यह विषय काफी प्रासंगिक है। ऑस्ट्रेलिया के कई राज्यों, जैसे न्यू साउथ वेल्स और विक्टोरिया में स्कूलों के भीतर डिजिटल गोपनीयता और फोटोग्राफी को लेकर पहले से ही अत्यंत कड़े नियम लागू हैं। वहां बिना अभिभावकों और स्कूल प्रशासन की लिखित सहमति के किसी भी छात्र की तस्वीर लेना या वीडियो बनाना कानूनी अपराध की श्रेणी में आता है। अयोध्या प्रशासन का यह नया आदेश भारतीय शिक्षा प्रणाली को उसी वैश्विक मानक और सुरक्षा के करीब ले जाने का एक प्रयास माना जा रहा है।
शिक्षकों और अभिभावकों के एक बड़े वर्ग ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका तर्क है कि स्कूल बच्चों के लिए एक 'सुरक्षित स्थान' होने चाहिए, न कि डिजिटल सामग्री बनाने का मंच। हालांकि, कुछ लोगों का यह भी मानना है कि इससे स्कूलों में व्याप्त कमियों को उजागर करने में बाधा आ सकती है, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शिकायतों के लिए सरकारी पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर पहले से ही मौजूद हैं।
संबंधित ख़बरें

राजनीति
ईरान-इजरायल संघर्ष: सैन्य संसाधनों की कमी और बढ़ती लागत ने अमेरिका के सामने खड़ा किया रणनीतिक संकट
ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव और अमेरिकी सैन्य संसाधनों की कमी ने वाशिंगटन के लिए युद्ध के मैदान में विकल्प सीमित कर दिए हैं, जिसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ना तय है।
20 अग॰ 2026, 05:38 pm

राजनीति
भारत 2027 में करेगा 5वें कोस्ट गार्ड ग्लोबल समिट की मेजबानी, तटरक्षक बल की स्वर्ण जयंती पर बड़ा आयोजन
भारतीय तटरक्षक बल की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर भारत फरवरी 2027 में नई दिल्ली में 5वें कोस्ट गार्ड ग्लोबल समिट (CGGS) की मेजबानी करेगा।
20 अग॰ 2026, 05:37 pm

राजनीति
मूलांक 9 अंकराशि 20 अगस्त: मंगल के प्रभाव में त्वरित निर्णयों से बचें, शर्तों पर स्पष्टता जरूरी
मूलांक 9 वालों के लिए 20 अगस्त का दिन मंगल के प्रभाव में ऊर्जावान रहेगा, लेकिन जल्दबाजी में समझौते करने से बचने की सलाह दी गई है।
20 अग॰ 2026, 03:38 pm
