ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया की नई प्रवासन रणनीति: भारतीय छात्रों और पेशेवरों के लिए क्या बदलेगा?
ICN24 Newsroom 1 जुल॰ 2026, 05:40 am
ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने अपनी प्रवासन प्रणाली में बड़े बदलावों की घोषणा की है, जिससे भारतीय छात्रों और कुशल श्रमिकों के लिए वीजा नियमों और कार्य संभावनाओं पर गहरा प्रभाव पड़ेगा।
ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने अपनी प्रवासन नीति में एक व्यापक बदलाव की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य देश की 'टूट चुकी' प्रवासन प्रणाली को दुरुस्त करना है। अल्बानीज़ सरकार द्वारा पेश की गई इस नई रणनीति का सीधा असर ऑस्ट्रेलिया में रह रहे और वहां जाने की योजना बना रहे लाखों भारतीयों पर पड़ने वाला है। इस नई नीति के तहत अस्थायी वीजा धारकों के लिए नियमों को कड़ा किया गया है, जबकि उच्च-कुशल पेशेवरों के लिए रास्ते आसान बनाने की कोशिश की गई है।
भारतीय समुदाय के लिए सबसे महत्वपूर्ण बदलाव अंतरराष्ट्रीय छात्रों से जुड़े हैं। सरकार ने छात्र वीजा के लिए अंग्रेजी भाषा की आवश्यकताओं को बढ़ा दिया है। अब छात्रों को अधिक उच्च आईईएलटीएस (IELTS) स्कोर प्राप्त करना होगा। इसके अलावा, 'जेनुइन स्टूडेंट टेस्ट' (Genuine Student Test) को और अधिक सख्त बनाया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि छात्र केवल शिक्षा के उद्देश्य से ऑस्ट्रेलिया आ रहे हैं, न कि इसे केवल कार्य वीजा पाने के माध्यम के रूप में उपयोग कर रहे हैं।
आईसीएन24 (ICN24) के विश्लेषण के अनुसार, 'वीजा होपिंग' (Visa Hopping) पर लगाम लगाने के लिए भी नए नियम लागू किए गए हैं। पहले कई छात्र अपनी पढ़ाई पूरी होने के बाद एक के बाद एक अन्य छोटे कोर्स में दाखिला लेकर अपना प्रवास बढ़ाते रहते थे, लेकिन अब विजिटर वीजा से छात्र वीजा पर स्विच करना काफी कठिन हो जाएगा। हालांकि, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए 'इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड ट्रेड एग्रीमेंट' (ECTA) के तहत भारतीय स्नातकों को कुछ विशेष रियायतें मिलती रहेंगी, जो इस समुदाय के लिए राहत की बात है।
कुशल प्रवासन के मोर्चे पर, सरकार ने 'स्पेशलिस्ट स्किल्स पाथवे' (Specialist Skills Pathway) की शुरुआत की है। यह उन पेशेवरों के लिए है जिनकी आय 1,35,000 डॉलर से अधिक है। यह तकनीक, इंजीनियरिंग और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले भारतीय पेशेवरों के लिए एक बड़ा अवसर साबित हो सकता है। सरकार का लक्ष्य है कि सात दिनों के भीतर ऐसे वीजा प्रोसेस किए जाएं।
अंत में, यह नई रणनीति ऑस्ट्रेलिया में प्रवासियों की कुल संख्या को कम करने पर केंद्रित है, जो कोविड के बाद रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के विशेषज्ञों का मानना है कि हालांकि ये बदलाव थोड़े चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, लेकिन ये उन लोगों के लिए अधिक स्पष्टता और स्थायी निवास (PR) के बेहतर अवसर प्रदान करेंगे जो वास्तव में कौशल की कमी को पूरा करने के लिए ऑस्ट्रेलिया आ रहे हैं।
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