राजनीति
2028 विधानसभा चुनाव: मध्य प्रदेश में ‘हर बूथ जीतो’ के संकल्प के साथ मैदान में उतरेगा अपना दल (एस)
ICN24 Newsroom 20 अग॰ 2026, 09:37 pm

अपना दल (एस) ने 2028 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कमर कस ली है। पार्टी ने संगठन को मजबूत करने के लिए बूथ स्तर पर 'हर बूथ जीतो' अभियान शुरू किया है।
मध्य प्रदेश की राजनीति में अपनी सक्रियता बढ़ाते हुए अपना दल (सोनेलाल) ने 2028 के विधानसभा चुनावों के लिए अभी से मोर्चाबंदी शुरू कर दी है। केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के नेतृत्व वाली इस पार्टी ने राज्य में 'हर बूथ जीतो' का संकल्प लिया है। इस रणनीति के तहत पार्टी का प्राथमिक लक्ष्य जमीनी स्तर पर संगठन को पुनर्गठित करना और वार्ड से लेकर बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की एक मजबूत फौज खड़ी करना है।
भोपाल में आयोजित सांगठनिक बैठक के दौरान पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि आगामी चार वर्षों में पार्टी का ध्यान केवल रैलियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सूक्ष्म-प्रबंधन (माइक्रो-मैनेजमेंट) पर जोर दिया जाएगा। अपना दल (एस) का मानना है कि यदि बूथ स्तर की समितियां मजबूत होंगी, तो चुनाव के समय मतदाताओं तक पहुंच बनाना आसान होगा। पार्टी विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रही है जहां सामाजिक समीकरण उसके पक्ष में हो सकते हैं।
उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की एक मजबूत सहयोगी के रूप में स्थापित होने के बाद, अपना दल (एस) अब पड़ोसी राज्यों में अपने विस्तार की संभावनाएं तलाश रहा है। मध्य प्रदेश में परंपरागत रूप से मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच रहा है, लेकिन अपना दल (एस) अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और वंचित समूहों के बीच अपनी पैठ बनाकर इस द्विध्रुवीय राजनीति में तीसरा विकल्प बनने की कोशिश कर रहा है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय, विशेषकर वे जो उत्तर और मध्य भारत के ग्रामीण विकास और राजनीतिक बदलावों में रुचि रखते हैं, इस विस्तार को एनडीए गठबंधन के भीतर एक रणनीतिक कदम के रूप में देख रहे हैं।
पार्टी के प्रदेश स्तरीय नेताओं के अनुसार, आने वाले महीनों में सदस्यता अभियान को और तेज किया जाएगा। वार्ड स्तर पर छोटी-छोटी बैठकें आयोजित की जाएंगी ताकि स्थानीय मुद्दों को समझा जा सके। 'हर बूथ जीतो' संकल्प केवल एक नारा नहीं है, बल्कि यह पार्टी की उस दीर्घकालिक योजना का हिस्सा है जिसके तहत वह मध्य प्रदेश की विधानसभा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय से पहले की गई यह तैयारी पार्टी को अन्य क्षेत्रीय दलों की तुलना में बढ़त दिला सकती है।
आगामी चरणों में, अपना दल (एस) युवा और महिला विंग को सक्रिय करने पर भी ध्यान देगा। पार्टी का मानना है कि सोशल मीडिया और व्यक्तिगत जनसंपर्क के माध्यम से वे मध्य प्रदेश के युवाओं तक अपनी विचारधारा पहुंचा सकते हैं। हालांकि 2028 का चुनाव अभी दूर है, लेकिन अपना दल (एस) की यह सक्रियता संकेत देती है कि भविष्य में मध्य प्रदेश का चुनावी रण और अधिक प्रतिस्पर्धी होने वाला है।
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