राजनीति
अमरनाथ यात्रा: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की, आधुनिक तकनीक के उपयोग पर जोर
ICN24 Newsroom 13 जून 2026, 01:01 am

गृह मंत्री अमित शाह ने 29 जून से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाने के निर्देश दिए।
नई दिल्ली: आगामी अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय राजधानी में एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। 29 जून से शुरू होने वाली इस वार्षिक तीर्थयात्रा के लिए गृह मंत्री ने अधिकारियों को एक अभेद्य और बहुस्तरीय सुरक्षा ढांचा तैयार करने का निर्देश दिया है। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और सेना व खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
गृह मंत्री ने विशेष रूप से आधुनिक निगरानी प्रौद्योगिकियों के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ड्रोन मैपिंग, सीसीटीवी निगरानी और वास्तविक समय (रियल-टाइम) डेटा विश्लेषण का उपयोग किया जाना चाहिए। शाह ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा और सुविधा है, ताकि वे बिना किसी भय के अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर सकें।
सुरक्षा व्यवस्था के अलावा, बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं और रसद (लॉजिस्टिक्स) पर भी विस्तार से चर्चा की गई। गृह मंत्री ने निर्देश दिया कि यात्रा मार्ग पर पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं, ऑक्सीजन सिलेंडर और आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमें तैनात की जाएं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे किसी भी अप्रत्याशित प्राकृतिक आपदा या सुरक्षा खतरे से निपटने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) को पूरी तरह से लागू करें।
अमरनाथ यात्रा न केवल भारत में बल्कि ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में रहने वाले प्रवासी भारतीय समुदाय के लिए भी अत्यंत आध्यात्मिक महत्व रखती है। प्रतिवर्ष सिडनी, मेलबर्न और पर्थ जैसे शहरों से सैकड़ों श्रद्धालु इस कठिन यात्रा के लिए भारत आते हैं। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के बीच इस यात्रा को लेकर भारी उत्साह देखा जाता है, और वे अक्सर इन सुरक्षा इंतजामों और यात्रा की घोषणाओं पर करीबी नजर रखते हैं। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले कई हिंदू संगठन भी श्रद्धालुओं को पंजीकरण और यात्रा संबंधी जानकारी प्रदान करने में सक्रिय रहते हैं।
बैठक के दौरान गृह मंत्री ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन को निर्देश दिया कि वे संचार व्यवस्था को मजबूत करें ताकि तीर्थयात्री अपने परिवार के संपर्क में रह सकें। सुरक्षा बलों को संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के लिए कहा गया है। यह यात्रा 52 दिनों तक चलेगी और 19 अगस्त को समाप्त होगी। सरकार का लक्ष्य है कि इस वर्ष की यात्रा पिछले सभी वर्षों की तुलना में अधिक सुरक्षित और डिजिटल रूप से सुसज्जित हो।
संबंधित ख़बरें

राजनीति
चाबहार बंदरगाह पर मंडराते संकट के बादल: क्या भारत सुरक्षित रख पाएगा अपना रणनीतिक व्यापार मार्ग?
ईरान के चाबहार बंदरगाह में भारत का निवेश अब अमेरिकी प्रतिबंधों और पश्चिम एशिया के तनाव के कारण खतरे में है। जानें यह भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है।
4 अग॰ 2026, 08:38 pm

राजनीति
यूपी चुनाव 2027: 'सपा की साइकिल सैफई लौट जाएगी', डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का भाजपा की जीत को लेकर बड़ा दावा
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए हुंकार भरते हुए भाजपा की तीसरी बार सत्ता में वापसी का दावा किया है।
4 अग॰ 2026, 08:37 pm
राजनीति
बांकीपुर में जीत के बाद प्रशांत किशोर की दो-टूक: 'भाजपा की हार का मतलब यह नहीं कि वे कमजोर हो गए'
बांकीपुर उपचुनाव में जन सुराज की जीत के बाद प्रशांत किशोर ने भाजपा की ताकत पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने समर्थकों को आगाह किया कि एक हार से भाजपा कमजोर नहीं हुई है।
4 अग॰ 2026, 07:37 pm

