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एआई का बढ़ता खतरा: ऑस्ट्रेलियाई कलाकारों ने की कॉपीराइट नियमों को सख्त बनाए रखने की मांग

ICN24 Newsroom 1 जुल॰ 2026, 05:54 am
एआई का बढ़ता खतरा: ऑस्ट्रेलियाई कलाकारों ने की कॉपीराइट नियमों को सख्त बनाए रखने की मांग

ऑस्ट्रेलियाई कलाकार और संगीतकार सरकार द्वारा एआई कंपनियों को कॉपीराइट नियमों में छूट देने की खबरों के खिलाफ एकजुट हो गए हैं।

ऑस्ट्रेलिया के रचनात्मक जगत में इस समय गहरी चिंता और रोष का माहौल है। देश के प्रमुख कलाकारों, लेखकों और संगीतकारों ने संघीय सरकार को चेतावनी दी है कि वे कॉपीराइट कानूनों में किसी भी तरह की ढील न दें। यह विरोध उन खबरों के बाद शुरू हुआ है जिनमें दावा किया गया है कि लेबर सरकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) कंपनियों के लिए 'कार्व-आउट्स' यानी विशेष छूट देने पर विचार कर रही है। कलाकारों का मानना है कि यदि ऐसा होता है, तो उनकी वर्षों की मेहनत को बिना किसी अनुमति या भुगतान के एआई मशीनों के प्रशिक्षण के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। ऑस्ट्रेलियाई संगीत जगत की प्रमुख हस्तियों का कहना है कि एआई कंपनियां उनकी बौद्धिक संपदा का 'उपभोग' कर रही हैं ताकि ऐसी सामग्री तैयार की जा सके जो भविष्य में उन्हीं कलाकारों का स्थान ले सके। सरकार की इस संभावित नीति को कलाकारों के हितों के खिलाफ देखा जा रहा है। उद्योग निकायों ने स्पष्ट किया है कि रचनात्मक कार्यों का उपयोग केवल तब होना चाहिए जब कलाकारों से इसकी स्पष्ट अनुमति ली गई हो और उन्हें इसका उचित पारिश्रमिक मिले। वर्तमान में, ऑस्ट्रेलियाई कानून रचनाकारों को उनकी अनुमति के बिना उनके काम के व्यावसायिक उपयोग से सुरक्षा प्रदान करते हैं। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए यह मुद्दा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले कई प्रवासी कलाकार, जो शास्त्रीय संगीत, बॉलीवुड नृत्य, साहित्य और डिजिटल कला के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक विरासत को बचाए हुए हैं, अब खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। सिडनी और मेलबर्न में सक्रिय भारतीय मूल के रचनाकारों का मानना है कि यदि कॉपीराइट सुरक्षा कमजोर होती है, तो सामुदायिक कला परियोजनाओं और स्वतंत्र कलाकारों की आय के स्रोत खत्म हो जाएंगे। सांस्कृतिक सामग्री का एआई द्वारा अनियंत्रित उपयोग न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाएगा, बल्कि मौलिकता के महत्व को भी कम कर देगा। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इन प्रस्तावित छूटों का उद्देश्य ऑस्ट्रेलिया को तकनीकी नवाचार में आगे रखना है। हालांकि, क्रिएटिव सेक्टर का तर्क है कि नवाचार कलाकारों की कीमत पर नहीं होना चाहिए। हाल ही में हुए कई सर्वेक्षणों में यह बात सामने आई है कि अधिकांश ऑस्ट्रेलियाई नागरिक कलाकारों के अधिकारों के समर्थन में हैं। कलाकारों का कहना है कि 'फेयर डीलिंग' (Fair Dealing) के मौजूदा नियमों को तोड़-मरोड़कर पेश नहीं किया जाना चाहिए। निष्कर्ष के तौर पर, कलाकारों ने सरकार से मांग की है कि वह पारदर्शी नीतियां अपनाए। वे चाहते हैं कि एआई मॉडल के प्रशिक्षण के लिए उपयोग किए गए डेटा का खुलासा किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कलाकारों को उनकी मेहनत का फल मिलता रहे। इस बहस का परिणाम न केवल ऑस्ट्रेलिया के सांस्कृतिक भविष्य को तय करेगा, बल्कि यह भी निर्धारित करेगा कि डिजिटल युग में मानव सृजनात्मकता का क्या स्थान रहेगा।
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