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एग्रीगोल्ड जमाकर्ताओं को छह महीने में मिलेगा न्याय: आंध्र प्रदेश सरकार ने विशेष अदालत बनाने की प्रक्रिया शुरू की

ICN24 Newsroom 8 जुल॰ 2026, 06:31 am
एग्रीगोल्ड जमाकर्ताओं को छह महीने में मिलेगा न्याय: आंध्र प्रदेश सरकार ने विशेष अदालत बनाने की प्रक्रिया शुरू की

आंध्र प्रदेश सरकार ने एग्रीगोल्ड घोटाले के पीड़ितों को छह महीने में न्याय दिलाने का वादा किया है। मुख्यमंत्री नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने विशेष अदालत के गठन के निर्देश दिए हैं।

आंध्र प्रदेश में एग्रीगोल्ड पोंजी घोटाले के लाखों पीड़ितों के लिए एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि इस घोटाले से प्रभावित जमाकर्ताओं को अगले छह महीनों के भीतर न्याय सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री के. पवन कल्याण ने इस जटिल कानूनी प्रक्रिया को गति देने के लिए एक विशेष अदालत (Special Court) स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। इस निर्णय का उद्देश्य उन लाखों परिवारों को राहत पहुंचाना है जिन्होंने एग्रीगोल्ड समूह की निवेश योजनाओं में अपनी जीवन भर की जमा पूंजी गंवा दी थी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परिसंपत्तियों की नीलामी और धन की वापसी की प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विशेष अदालत के गठन से कानूनी अड़चनों को जल्द दूर करने और पीड़ितों को चरणबद्ध तरीके से भुगतान करने में मदद मिलेगी। एग्रीगोल्ड घोटाला न केवल आंध्र प्रदेश, बल्कि तेलंगाना, कर्नाटक और ओडिशा जैसे पड़ोसी राज्यों में भी फैला हुआ था। इसमें करीब 32 लाख जमाकर्ताओं से लगभग 6,380 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई थी। इस मुद्दे का असर ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय, विशेषकर तेलुगु प्रवासियों पर भी गहरा है। सिडनी, मेलबर्न और ब्रिस्बेन जैसे शहरों में रहने वाले कई प्रवासी भारतीयों के परिजन इस घोटाले का शिकार हुए हैं। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले कई तेलुगु भाषी समुदाय के सदस्य लंबे समय से इस मामले में न्याय की मांग कर रहे थे, क्योंकि उनके माता-पिता या रिश्तेदारों की आर्थिक स्थिति इस घोटाले के कारण गंभीर रूप से प्रभावित हुई थी। विपक्ष में रहते हुए भी टीडीपी और जनसेना पार्टी ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था। अब सत्ता में आने के बाद, नायडू सरकार इसे अपनी प्राथमिकता सूची में शीर्ष पर रख रही है। उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने जोर देकर कहा है कि सरकार उन गरीबों के साथ खड़ी है जिनकी मेहनत की कमाई को कॉरपोरेट लालच ने निगल लिया। विशेष अदालत का गठन इस बात का प्रमाण है कि सरकार केवल वादे नहीं कर रही, बल्कि जमीन पर कार्रवाई भी कर रही है। आने वाले हफ्तों में, राज्य के गृह विभाग और कानूनी विशेषज्ञों द्वारा विशेष अदालत के संचालन के ढांचे को अंतिम रूप दिया जाएगा। सरकार की योजना है कि संपत्तियों की जब्ती और उनकी नीलामी से प्राप्त राशि को सीधे पीड़ितों के बैंक खातों में स्थानांतरित किया जाए, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो सके।
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