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अभिनेत्री पूजा चोपड़ा की मां का दर्दनाक खुलासा: 'दूसरी बेटी होने पर ससुराल वालों ने कहा था इसे खत्म कर दो'

ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 09:41 pm
अभिनेत्री पूजा चोपड़ा की मां का दर्दनाक खुलासा: 'दूसरी बेटी होने पर ससुराल वालों ने कहा था इसे खत्म कर दो'

पूर्व मिस इंडिया पूजा चोपड़ा की मां नीरा चोपड़ा ने खुलासा किया है कि उनकी दूसरी बेटी के जन्म पर उनके ससुराल वालों ने उसे मारने की मांग की थी।

बॉलीवुड अभिनेत्री और पूर्व मिस इंडिया वर्ल्ड पूजा चोपड़ा की मां, नीरा चोपड़ा ने एक बेहद भावुक और झकझोर देने वाला खुलासा किया है। एक हालिया साक्षात्कार में, उन्होंने उस दौर के संघर्ष को साझा किया जब उनकी दूसरी बेटी, पूजा का जन्म हुआ था। नीरा ने बताया कि उनके ससुराल वाले और पति केवल बेटा चाहते थे और दूसरी बेटी के रूप में पूजा के जन्म ने उनके परिवार में एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया था। नीरा के अनुसार, उनके ससुराल वालों ने नवजात बच्ची को स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया और यहां तक कह दिया था कि 'खत्म कर दो इसको'। नीरा चोपड़ा ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि जब पूजा का जन्म हुआ, तो उनके पति अस्पताल तक नहीं आए। जब वह घर लौटीं, तो उन्हें एक क्रूर अल्टीमेटम दिया गया: या तो वह अपनी नवजात बेटी को छोड़ दें या फिर हमेशा के लिए उस घर से चली जाएं। यह एक ऐसी स्थिति थी जहां एक मां को अपने सुहाग और अपनी ममता के बीच चुनाव करना था। नीरा ने बिना किसी संकोच के अपनी बेटी का हाथ थामा और उस घर को छोड़ दिया जिसने उनकी बेटी के अस्तित्व को नकार दिया था। पूजा चोपड़ा की मां का यह संघर्ष केवल एक व्यक्तिगत कहानी नहीं है, बल्कि यह उस गहरे पितृसत्तात्मक ढांचे और लैंगिक भेदभाव की ओर इशारा करता है जो आज भी समाज के कुछ हिस्सों में मौजूद है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए भी यह मुद्दा काफी प्रासंगिक है। हालांकि प्रवासी समाज आधुनिक और प्रगतिशील दिख सकता है, लेकिन 'बेटे की चाह' और लड़कियों के प्रति भेदभाव की जड़ें कभी-कभी परिवारों के भीतर गहरे तक दबी होती हैं। नीरा की कहानी उन सभी महिलाओं के लिए एक प्रेरणा है जो घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना के खिलाफ खड़ी होती हैं। नीरा ने अकेले ही पूजा और उनकी बड़ी बहन शुभ्रा का पालन-पोषण किया। उन्होंने कई छोटी-मोटी नौकरियां कीं ताकि उनकी बेटियों को अच्छी शिक्षा और जीवन मिल सके। उनकी मेहनत रंग लाई जब पूजा चोपड़ा ने 2009 में 'फेमिना मिस इंडिया' का खिताब जीता और बाद में बॉलीवुड फिल्म 'कमांडो' के जरिए अपनी पहचान बनाई। पूजा अक्सर सार्वजनिक मंचों पर अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां के बलिदान और साहस को देती हैं। यह कहानी हमें याद दिलाती है कि एक महिला की शक्ति और उसका दृढ़ संकल्प किसी भी सामाजिक बेड़ी को तोड़ सकता है। नीरा चोपड़ा ने यह साबित कर दिया कि एक मां की ममता दुनिया की सबसे बड़ी ताकत है, जो न केवल अपनी संतान की रक्षा करती है बल्कि उसे शिखर तक पहुंचाने का हौसला भी रखती है। आज पूजा चोपड़ा न केवल मनोरंजन जगत का एक जाना-माना नाम हैं, बल्कि वह उन लाखों लड़कियों के लिए भी एक प्रतीक हैं जिन्हें कभी समाज ने 'बोझ' समझा था।
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