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आधार कार्ड के नए नियम: अब ग्राम पंचायतों में बनेंगे बच्चों के आधार, 18 वर्ष से ऊपर वालों के लिए कड़ा सत्यापन अनिवार्य
ICN24 Newsroom 5 अग॰ 2026, 11:38 am

आगरा की 690 ग्राम पंचायतों में आधार मशीनें लगाई जा रही हैं, जिससे बच्चों का नामांकन आसान होगा। वहीं, 18 वर्ष से अधिक आयु वालों के लिए अब एसडीएम स्तर पर सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में प्रशासनिक सुधार की एक बड़ी पहल करते हुए पंचायती राज विभाग ने आधार कार्ड सेवाओं को सीधे ग्रामीणों के घर के करीब पहुँचाने का निर्णय लिया है। जिले की सभी 690 ग्राम पंचायतों में अब आधार नामांकन और अपडेट मशीनें स्थापित की जाएंगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को आधार संबंधी कार्यों के लिए शहर के चक्कर लगाने से मुक्ति दिलाना है।
नए नियमों के तहत, 5 वर्ष तक के बच्चों के आधार कार्ड अब उनके गाँव में ही बनाए जा सकेंगे। इसके लिए ग्राम पंचायत सचिवालयों में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटरों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। अब तक ग्रामीणों को अपने बच्चों के नामांकन के लिए तहसील मुख्यालय या बैंकों के चक्कर काटने पड़ते थे, जहाँ लंबी कतारें और तकनीकी खामियों के कारण समय की काफी बर्बादी होती थी। पंचायती राज विभाग के इस निर्णय से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र बच्चों तक पहुँचाने में भी तेजी आएगी।
18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब इस आयु वर्ग के लिए आधार कार्ड का आवेदन केवल चुनिंदा केंद्रों पर ही होगा और कार्ड जारी होने से पहले भौतिक सत्यापन (Physical Verification) अनिवार्य होगा। आवेदन जमा होने के बाद संबंधित डेटा को सत्यापन के लिए उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) कार्यालय भेजा जाएगा। एसडीएम स्तर पर रिपोर्ट सही पाए जाने के बाद ही आधार पोर्टल पर कार्ड को सक्रिय किया जाएगा। यह कदम सुरक्षा की दृष्टि से और पहचान की जालसाजी रोकने के लिए उठाया गया है।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए यह खबर विशेष महत्व रखती है। प्रवासी भारतीयों (NRIs) के माता-पिता या परिजन जो भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करते हैं, उन्हें अब आधार अपडेट के लिए लंबी यात्राएं नहीं करनी होंगी। अक्सर देखा गया है कि विदेशों में रह रहे भारतीयों को अपने बच्चों के भारतीय दस्तावेजों या संपत्ति संबंधी कार्यों के लिए आधार की आवश्यकता होती है। ग्राम स्तर पर इन सुविधाओं की उपलब्धता से प्रवासी परिवारों के लिए भारत में अपने प्रशासनिक कार्यों का प्रबंधन करना पहले से कहीं अधिक सुलभ हो जाएगा।
आगरा के जिला प्रशासन के अनुसार, इन मशीनों के संचालन के लिए पंचायत सचिवालयों में सभी आवश्यक बुनियादी ढाँचे तैयार कर लिए गए हैं। आधार नामांकन की सुविधा मिलने से जन्म प्रमाण पत्र और आधार को लिंक करने की प्रक्रिया भी आसान होगी। प्रशासन का मानना है कि इस विकेंद्रीकरण से भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी।
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